अंजानी राहो में अंजानी चूत की प्यास

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आदित्य है और में दिल्ली में रहता हूँ। मेरी उम्र 32 साल है। दोस्तों अब में आपको जो बताने जा रहा हूँ, वो एक सच्चाई है, जो अभी तक सिर्फ़ मैंने अपने फ्रेंड को बताई है और आज आप सभी अच्छे लोगों को और उन सभी लेडीस को जो चुदवा चुकी है और उनको जिनको अभी अपनी चूत में लंड डलवाना है। ये बात आज से 2 महिने पहले की है। में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता हूँ जहाँ कंप्यूटर के स्पेयर पार्टस तैयार किए जाते है। में अक्सर अपने बॉस के साथ रहता हूँ और मेरा बॉस अपने घर पर रहता है। मेरे बॉस का घर पंजाबी बाघ में है और वो बहुत आलीशान कोठी है। मेरे बॉस की वाईफ का नाम अंजलि है और में बॉस की बीवी को भाभी कहता हूँ। भाभी का फिगर यही कोई 34-26-38 साईज है। मेरे बॉस की बीवी की क्या मस्त गांड है? मेरा तो जी चाहता है कि बस भाभी को देखता रहूँ और उसकी गांड को चाटता रहूँ। मुझे कुछ दिन से तो ऐसा लग रहा था कि बॉस की बीवी मुझ पर कुछ ज्यादा ही फिदा हो रही है और वो मुझे ऑफिस में फोन करती और कहती कि तुम्हारे सर ने कहा कि तुम मेरे साथ शॉपिंग पर चलो और फिर में बॉस से मालूम करता, तो बॉस भी हाँ कर देता था।

फिर में भाभी के साथ शॉपिंग करने चला गया। फिर भाभी और में करोल बाघ गये, तो वहाँ जाकर भाभी एक डिपार्टमेंटल स्टोर में गई, जहाँ लेडी ब्रांडेड अंडरगारमेंट लटके हुए थे और में यह देखकर परेशान हो रहा था। फिर मैंने कहा कि भाभी आप कहाँ लेकर जा रही हो? तो भाभी ने कहा कि क्यों, क्या हुआ? तो मैंने कहा कि भाभी यहाँ आप ही जाओ ना। फिर वो हंसकर बोली कि ओह आदित्य कम, तुम इतना क्यों शरमा रहे हो? क्या तुम अंडरगारमेंट का उपयोग नहीं करते हो? तो फिर में भी शरमाता हुआ उनके साथ अंदर चला गया और भाभी के साथ जाकर खड़ा हो गया। फिर भाभी ने एक लड़की से कहा कि प्लीज मुझे ब्रा और पेंटी दिखाना और फिर भाभी ने उसे अपना साईज 34C बताया तो में सुनकर हैरान हो गया, लेकिन उसकी इस हरकत से मेरा लंड भी आहिस्ता-आहिस्ता पॉवर में आ रहा था। फिर तभी मेरे मन में भाभी की चूत में लंड डालना और गांड मारने जैसे ख्याल आ रहे थे और में सोच ही रहा था कि भाभी की गांड के पीछे अपना लंड किसी भी तरह से लगा दूँ। फिर अचानक से मेरे नजदीक में 2 आंटी आई, जिसकी वजह से मुझे भाभी की गांड पर लंड रगड़ने का मौका मिल ही गया। फिर जैसे ही मैंने भाभी की गांड पर अपना लंड लगाया तो मुझे ऐसा लगा कि भाभी पीछे हो गई है, जिससे मेरा लंड भाभी की गांड पर चिपक गया है और रगड़ खाने लगा है।
फिर भाभी ने मुझे एक ब्रा दिखाई जो बहुत ही अच्छी थी। फिर भाभी बोली कि आदित्य प्लीज देखना क्या यह ब्रा अच्छी लगेगी? तो मैंने हाँ में अपना सिर हिला दिया। फिर भाभी ने कहा कि तुम भी अंडरगारमेंट ले लो और मुझे भी जॉकी के अंडर गारमेंट दिलवाए। फिर भाभी और में एक रेस्टोरेंट में बैठे और वेटर को कुछ खाने का ऑर्डर दिया। अब मुझे एक अजीब सा एहसास हो रहा था कि कुछ चीज मेरे पैर पर रैंग रही है। फिर देखा भाभी का पूरा पैर मेरे पैर से टच हुआ और अब में भाभी की आँखों में एक अजीब सा नशा महसूस कर रहा था। फिर मैंने भाभी से कहा कि भाभी क्या हुआ? तो भाभी कुछ नहीं बोली और चुपचाप बैठी रही। फिर पता नहीं क्या सोचकर उसने मुझसे कहा कि आदित्य मेरा एक काम करोगे? तो मैंने कहा कि क्या भाभी? तो भाभी बोली कि जो अब में कहने जा रही हूँ, वो बात बहुत ही ज्यादा हैरान कर देने वाली बात है। फिर मैंने भाभी से कहा कि हाँ भाभी बोलिए, तो वो कहने लगी कि आदित्य प्लीज यार तुम मेरे जिस्म की आग मिटा दो, में तुम्हें मालामाल कर दूंगी।
अब मुझे यह तो पता था कि भाभी चुदना और चुदवाना चाहती है, लेकिन यह नहीं पता था कि वो इतनी जल्दी ही बोल देगी। फिर तभी मैंने भाभी से कहा कि क्यों? क्या हुआ? भाभी आप ऐसा क्यों बोल रहे हो? अगर किसी को कुछ पता चल जाएगा और बॉस को पता चलेगा तो में कहीं का नहीं रहूँगा। फिर भाभी ने कहा कि तुम्हारे बॉस तुम से कुछ नहीं कहेंगे और उनको कुछ पता भी नहीं चलेगा, वो आज रात की फ्लाइट से आउट ऑफ दिल्ली जा रहे है, जिस वजह से हम आराम से मिल सकते है और फिर जो चाहे कर सकते है। अब मेरे मन में मन ही मन एक खुशी की लहर दौड़ रही थी। फिर तभी में भाभी के पास उनके बगल में बैठ गया और भाभी को किस किया। फिर भाभी ने भी मेरे क़िस करने पर मेरा साथ दिया, तो इतने में हमें वेटर आता हुआ दिखा, तो हम लोग अलग हो गये और फिर वेटर के जाते ही में और भाभी फिर से किस करने लगे और भाभी के होठों को खूब चूसा और भाभी की चूत पर भी अपना हाथ लगाया। फिर भाभी के मुँह से उम्म्म्मम, हाईईईईईईईईईईई, आदित्य तुम कितने अच्छे हो?
फिर तभी मैंने कहा कि भाभी यह तो आज पता चलेगा कि में अच्छा हूँ या बुरा और फिर हम खाना खाकर घर के लिए चल पड़े। फिर में ऑफिस के लिए निकल गया और अपना काम करने लगा, लेकिन अब मुझे रात का इंतज़ार था कि कब रात होगी? और में कब भाभी कि चूत का दीदार करूँगा। फिर तभी मुझे बॉस का फोन आया और कहा कि तुम घर पर आ जाओ और मुझे छोड़ने एयरपोर्ट तक चलो। फिर में बॉस के कहने पर उनके घर गया, तो देखा बॉस तो तैयार थे और भाभी भी तैयार थी। फिर बॉस भाभी और में एयरपोर्ट के लिए चल दिए, तो बातों-बातों में कब एयरपोर्ट आ गया हमें पता ही नहीं चला? फिर बॉस गाड़ी से उतरकर एयरपोर्ट में एंट्री कर गये और में और भाभी वापस घर कि तरफ आ गये। अब में गाड़ी चला रहा था और भाभी मेरी बाहों में आ गई थी और फिर हमें रास्ते मैं कोई मौका मिलता तो हम एक दूसरे को किस भी कर लिया करते लेते और में कभी कभी भाभी के बूब्स को दबा लिया करता था।
अब भाभी कुछ मदहोश सी हो रही थी और उम्म्म्मममम, हमम्म्मममम, आदित्य तुम्हारे हाथों में एक जादू है, पता नहीं तुम टच कर रहे हो तो मुझे बहुत कुछ हो रहा है, मेरे जिस्म में आग भड़क रही है आदि बोल बोले जा रही थी। फिर मैंने कहा कि भाभी में ऐसा ही हूँ, तो तभी मैंने अंजलि भाभी का एक हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया। फिर भाभी को मेरा लंड बहुत मोटा लगा और वो डर गई। फिर मैंने कहा कि क्या हुआ मेरी जान? तो भाभी ने कहा कि यह क्या है? तो मैंने कहा कि निकालकर देखो ना प्लीज। फिर उसने डरते-डरते मेरा लंड मेरी पेंट से बाहर किया और अपने हाथ में लेकर देखा, तो वो पागल सी हो गई और बोली कि वाहह कितना बड़ा कितना लंबा मोटा है? उम्म्म्ममममममम, आदित्य आज तो जी भरकर प्यार करना। फिर तभी मैंने कहा कि हाँ-हाँ मेरी जान आज जी भरकर चुदाई करूँगा। फिर वो शर्मा गई, लेकिन जब मैंने कहा कि जी भरकर चुदाई करूँगा तो मुझे उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक दिखी और वो चमक वासना की चमक थी।
फिर मैंने कहा कि अंजलि भाभी मेरा लंड अपने मुँह में लो ना यार। फिर वो मेरे लंड को अपने मुँह में लेने लगी, उम्म्म्म, गगगमममम, हमम्म हाँ आदित्य, मुँह में फँस रहा है। फिर मैंने कहा कि जान करो ना प्लीज। अब वो मेरे लंड को एक लॉलीपोप की तरह चाट रही थी और ऊपर नीचे खूब प्यार से कर रही थी। फिर तभी मेरे मन में आया कि क्यों ना अंजलि की चूत पर अपने हाथ से टच किया जाये? तो मैंने कहा कि भाभी आप अपनी साड़ी को अपने नीचे से निकाल लो और ऊपर कर लो। फिर उसने अपनी साड़ी ऊपर की और उनकी पेंटी को उतार दिया। अब में उनकी चूत को टच करने लगा था उम्म्म्मम, उूउउफफफफ्फ, उम्म्म्ममममम, आदित्य मेरी जान जल्दी कर और फिर हमें पता ही नहीं चला कि कब घर आ गया? और हम लोग घर पहुँच गये।
फिर हम अंदर गये और अब भाभी पागल हो रही थी। फिर में भाभी को बेडरूम में लेकर गया और भाभी के कपड़ों को उतार दिया और भाभी ने मेरे कपड़ो को उतार दिया। अब में भाभी की चूत को बहुत मज़े से चाट और चूस रहा था जैसे कोई कुत्ता मलाई वाले किसी बर्तन को चाटता है। अब भाभी को बहुत मज़ा आ रहा था उूउउफफफफफफफ्फ, उूउऊँ, हाईईईईईईईईईई माँ, उम्म्म्ममममममम, आदित्य प्लीज डालो यार, प्लीज उम्म्म्ममममम, उफफफफफफफफफफफ्फ माँ, लेकिन में चाहता था कि भाभी की चूत और चाटूं, उूउउइईईईईई माआआआ, उूउउम्म्म्ममम, आदित्य अब मेरी जान लोगे क्या? हाइईईईईईईई, प्लीज मेरे राजा, आाआआअ डालो। अब भाभी रोने लगी थी और मुझे मज़ा आ रहा था। अब मुझे लगने लगा था कि भाभी कुछ ही देर में अपनी चूत का पानी निकालने वाली है। दोस्तों कोई भी लेडी हो जब तक उसकी चूत से पानी नहीं निकलता उसे मज़ा नहीं आता और चूत से पानी निकल रहा हो तो तेज़ झटके उस लेडी को बहुत अच्छे लगते है। फिर तभी मैंने अपना काम शुरू किया। अब भाभी की चूत पूरी तरह से टाईट हो चुकी थी, अब में भाभी की चूत में अपना लंड डाल रहा था।
फिर जैसे ही मैंने भाभी की चूत में अपना लंड डाला तो भाभी को और मज़ा आने लगा। अब में भाभी की चूत में राजधानी एक्सप्रेस की रफ़्तार की तरह से अपना लंड अंदर बाहर कर रहा था। अब भाभी को बहुत मज़ा आ रहा था और दर्द भी बहुत हो रहा था। फिर भाभी को अचानक से पता नहीं क्या हुआ? कि वो मुझे अपनी बाँहों और टाँगों में जकड़ने लगी और में तेज-तेज झटके मारने लगा उूउउइईईईई, गपप्प्प्प, गप्प्प्प, गपप्प, गगगगगगग्घप्प्प्प। अब भाभी की चूत से पानी निकलने लग गया था और में अपनी स्पीड बड़ा रहा था। दोस्तों Ist इम्प्रेशन इज लास्ट इम्प्रेशन और दोस्तों मैंने भाभी को इम्प्रेस भी किया। अब मेरे लंड से भी पानी निकल गया था और फिर भाभी और में बहुत देर तक नंगे ही बेड पर लेटे रहे और में भाभी के होंठो को चूसता रहा। फिर भाभी ने मेरा असली नाम लेकर कहा कि मेरे राजा तुम्हारे इस लंड में ऐसा क्या होता है? जो इतना मोटा लंबा और तगड़ा होता है। अब मुझे बहुत मज़ा आया मेरे राजा और फिर भाभी ने कहा कि अब डिनर करते है। अब तो 7 दिन 7 रातें हमारी है और हम खूब मज़ा करेंगे ।।

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