कीर्ति के बॉयफ्रेंड ने की बेवफाई और मुझे मिली चुदाई

Kirti ke boyfriend ne ki bewafai aur mujhe mili chudai:

हैल्लो भाइयों और उनकी बहनों मैं रजत यादव और मैं पटना का रहने वाला हूँ | मैं अभी कॉलेज की पढाई कर रहा हूँ लेकिन जो कहानी मैं आपको बताने जा रहा हूँ वो मेरे स्कूल की है | मैं दिल का बहुत साफ़ हूँ अगर किसी के साथ गलत होता है तो मुझसे देखा नहीं जाता | मैंने ज़िन्दगी में सिर्फ एक बार सैक्स किया है और ये बिलकुल सच्ची घटना है जो मैं आपको बताने जा रहा हूँ | तो चलिए दोस्तों अब मैं आपको अपनी कहानी बताता हूँ |

ये बात है 12वीं क्लास की जब मैं और मेरा दोस्त आशीष एक ही स्कूल में पढ़ते थे और एक ही कोचिंग में जाते थे | ये सच बात है कि मुझे लडकियां पटाना और उनसे बात करना ठीक से आता नहीं है और इसी वजह से मेरी किसी भी लड़की से दोस्ती भी नहीं है | लेकिन मेरा दोस्त आशीष बिलकुल एक प्लेबॉय है ना जाने उसने कितनी लडकियां पटाई है और ना जाने कितनो को चोदा भी है | मेरी क्लास में एक लड़की थी कीर्ति नाम की और वो स्वभाव से बहुत अच्छी थी | आशीष ने उसे भी अपने प्रेम जाल में फसा रखा था | कीर्ति मुझे भी पसंद थी लेकिन आशीष ने उसे पटा लिया इसलिए मैंने उसके बारे में सोचना बंद कर दिया |

आशीष मुझे आए दिन नई लड़कियों के किस्से सुनाता था कि कैसे उसने लड़की फसाई और उसको कहीं ले जा कर बजा दिया | मैं भी बड़े मज़े से उसकी बातें सुनता था क्योंकि मेरी तो कोई थी नहीं इसलिए कहानियों के ही मज़े लेता रहता था | कभी कभी आशीष कहता था कि कीर्ति मानती नहीं है वरना मैं तो इसे भी कहीं ले जा कर चोद दूँ | उस वक़्त मुझे बहुत लगता था क्योंकि वो बहुत अच्छी लड़की थी और उसके साथ गलत हो ये मुझे बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं था | मैंने कई बार आशीष से कहा भाई ये सब छोड़ और कीर्ति पे ध्यान दे, वो तुझे बहुत पसंद करती है | तो वो हर बार यही कहता था कि अगर मैं सब लड़कियों का ख्याल नहीं रखूँगा तो कौन रखेगा |

मैं कई बार आशीष को लड़कियों के साथ घूमते देखा है और वो एक नंबर का कमीना इंसान है | जिस दिन मैंने आशीष को एक लड़की के साथ घूमते देखा और वो पीछे बैठा था और उस लड़की से बहुत चिपक रहा था तभी मैंने सोच लिया कि ये किसी को धोका दे लेकिन मैं इसे कीर्ति को धोखा देने नहीं दूंगा | मेरी और कीर्ति की भी अच्छी दोस्ती थी क्योंकि मैं आशीष और कीर्ति ज्यादातर साथ ही रहते थे | कभी कभी कीर्ति मुझसे पूछती थी कि आशीष मुझसे कुछ छुपा तो नहीं रहा क्योंकि जब आशीष को फ़ोन आता था तो वो उठ कर कहीं दूर चला जाता था और बहुत देर तक बात करता रहता था और सब कुछ जानकर भी मैं कुछ नहीं कह पता था |

एक दिन आशीष ने फ़ोन किया और कहा कि मैं इस होटल में हूँ और एक लड़की के साथ हूँ, तू एक काम कर एक घंटे बाद तू कीर्ति को लेकर आ जा यहीं | तो मैंने उससे होटल का पूरा पता लिया और रूम नंबर भी पूछ लिया | फिर मैंने फ़ौरन कीर्ति को बुलाया और कहा चलो आशीष तुम्हें बुला रहा है एक सरप्राइज है | सरप्राइज कानाम सुन कर वो झट से तैयार हो गई और मैं और कीर्ति होटल के लिए निकल गए | मैं जानता था जब तक मैं पहुंचूंगा आशीष उस लड़की को छोड़ चुका होगा लेकिन तब तक वो लड़की वहां से जाएगी नहीं |

मैं जैसे ही होटल पहुंचा तो मैंने कीर्ति को लेकर रूम तक गया और कहा ये है रूम तुम अन्दर जाओ मैं आता हूँ | मैं थोडा आगे चला गया और दीवाल के पीछे से देखने लगा | उसे दरवाज़ा खटखटाया तो लड़की ने दरवाज़ा खोला और उसने कहा क्या काम है ? तो कीर्ति ने कहा सॉरी शायद गलत आ गई मैं अपने दोस्त आशीष से मिलने आई थी | तो उस लड़की ने कहा क्या आशीष तुम्हारा क्या लगता है ? तो कीर्ति ने कहा मेरा बॉयफ्रेंड है वो | तो कीर्ति और उस लड़की की बहस होने लगी |

तभी मैं उनके पास गया और कहा अच्छा आशीष अन्दर है क्या ? तो उसने कहा हाँ है | तो हम तीनो अन्दर चले गए और देखा कि आशीष बिस्तर पर नंगा लेटा है | कीर्ति की आँखों में आंसू आ गए और वो रोने लगी और उसने कहा तो तुम ये सब करते हो मुझे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी | तो आशीष ने कहा देखो मैं तुम्हें पसंद करता हूँ लेकिन दो गर्लफ्रेंड कोई गलत बात तो नहीं है | तो कीर्ति ने आशीष को थप्पड़ मार दिया | आशीष को भी गुस्सा आ गया तो वो कीर्ति की ओर बढ़ा लेकिन मैंने उसे रोक दिया और कहा अबे मैं टाइम पे आया लेकिन तूने इसको जल्दी क्यों नहीं भेजा ? तो आशीष मेरी तरफ मसूमियत से देखने लगा और उसे मेरे कान में कहा अब क्या करें ? तो मैंने कहा तू कीर्ति से बोल मैं इससे प्यार करता हूँ मैं सिर्फ तुम्हें यही एक बार अपने साथ सोने के लिए बुला रहा था |

तो आशीष ने ऐसा ही कह दिया क्योंकि उसका दिमाग तो काम कर नहीं रहा था | तो कीर्ति मुझसे लिपट कर रोने लगी और मैंने भी उसको गले लगा कर सहारा दिया | फिर मैंने कहा आशीष से कि भाई तू उसके साथ कुछ कुछ करना शुरू कर दे | तो आशीष ने उस लड़की को पकड़ा और उसे किस करने लगा और उसका टॉप उतार कर उसके दूध दबाने लगा | मैंने कीर्ति से कहा चलो यहाँ से इन लोग नहीं मानेंगे तो कीर्ति ने उनकी तरफ देखा तो वो किस कर रहे थे और आशीष उसके दूध दबा रहा था | फिर पता नहीं क्या हुआ कीर्ति ने मुझसे कहा रजत तुम मेरा साथ दोगे थोड़ी देर के लिए | तो मैंने कहा हाँ दूंगा |

कीर्ति थोडा सा ऊपर उठी और मुझे किस करने लगी | मैं समझ नहीं पा रहा था कि क्या हो रहा है तो मैंने अपना सिर पीछे कर लिया तो कीर्ति ने मुझसे कहा मैं आशीष को सबक सिखाना चाहती हूँ इसलिए प्लाज़ मेरा साथ दो | अब मेरी हवस जाग गई और मैंने भी कीर्ति को किस करना शुरू कर दिया | उसके होंठो बहुत प्यारे और रसीले थे और उनको चूसने में जो मज़ा आ रहा था वो मैं क्या बताऊ आपको ? हम दोनों एक दुसरे को किस करते रहे और रुके तो देखा कि आशीष ने उस लड़की को बिस्तर पर लिटा दिया है उसके ऊपर चढ़ गया है | तो कीर्ति ने अपना टॉप उतारा और मुझसे कहा प्लाज़ रजत मुझे बदला चाहिए | तो मैंने धीरे कीर्ति के दूध की तरफ हाँथ बढ़ाये तो उसने मेरा हाँथ पकड़कर जल्दी से अपने दूध पर रखवा लिए |

मैं जैसे ही उसके दूध पर हाँथ रखा मैंने मन में कहा ऊपर वाले के घर में देर है अंधेर नहीं | फिर मैंने उसका ब्रा नीचे कर दिया और उसके निप्पल को खींचने लगा | अब उसके आंसू निकलना बंद हो गए थे और वो आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह ईस्स्स्स स्सस्सस्स कर रही थी तो मुझे और जोश चढ़ गया और मैंने उसके दूध को अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगा | फिर मैंने उसकी चूत में हाँथ लगाया तो वो एकदम से अकड़ गई | फिर मैंने उसकी जीन्स का बटन खोला और उसकी जीन्स उतार दी और पैंटी भी | अब वो मेरे सामने बिलकुल नंगी थी लेकिन मेरा मान नहीं रहा था कि इसको चोद दूँ लेकिन मैं हूँ तो लड़का ही | तो मैंने अपनी पैन्ट उतार दी और उसने मेरा लंड चुसना शुरू कर दिया | मैं तो अब स्वर्ग में पहुँच गया था और मज़े ले रहा था |

फिर मैंने कीर्ति को बिस्तर पर लिटाया और उसकी चूत में लंड डालने लगा | उसकी चूत टाइट थी लेकिन वो वर्जिन नहीं थी और उसकी चूत में बाल भी थे इसलिए मेरा चूत चाटने का मन नहीं हुआ | मैंने धीरे धीरे उसकी चूत में लंड घुसाया और वो आह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह आआह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह ऊउम्मम्म करने लगी | मैं उसको धीरे धीरे छोड़ रहा था लेकिन बाजू में आशीष ने घमासान चुदाई मचा रखी थी इसलिए मैंने भी कीर्ति को ज़ोर ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया और वो अब ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी |

थोड़ी देर तक मैं कीर्ति को चोदता रहा फिर कीर्ति ने मुझसे कहा अब तुम लेटो | तो मैं लेट गया और कीर्ति मेरा ऊपर पर बैठ गई और मेरे लंड को अपनी चूत में डाल के कूदने लगी | मैंने आशीष की ओर देखा तो आशीष ने थम्ब्स उप किया और कहा बहुत अच्छे | फिर मैंने कीर्ति को चोदने का मज़ा लेने लगा और थोड़ी देर में मेरा मुट्ठ निकलने को हुआ तो मैंने कीर्ति को हटाया और उसने मेरा लंड पकड के सारा मुट्ठ अपने मुंह में गिरा लिया और पी गई | फिर कीर्ति ने कपडे पहने और हम दोनों वहां से चले गए | लेकिन उसके बाद मैंने कभी भी कीर्ति को नहीं चोदा और नहीं कभी मेरी उससे सैक्स के लिए पूछने की हिम्मत हुई | तो दोस्तों कैसी मेरी स्टोरी |

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