कुवारी भतीजी को चोदकर कामुकता का पाठ सिखाया
सभी लंड धारियों को मेरा लंडवत नमस्कार और चूत की मल्लिकाओं की चूत में उंगली करते हुए नमस्कार। सेक्स कहानी डॉट नेट के माध्यम से आप सभी को अपनी स्टोरी सुना रहा हूँ। मुझे यकीन है की मेरी सेक्सी और कामुक स्टोरी पढकर सभी लड़को के लंड खड़े हो जाएगे और सभी चूतवालियों की गुलाबी चूत अपना रस जरुर छोड़ देगी।
मैं प्रमोद हूँ। नोएडा का रहने वाला हूँ। मेरे घर में हमलोग ही थे। मेरे बड़े भाई की बस टक्कर से मौत हो गयी थी। उसके बाद मेरी भतीजी तारा का बोझ मुझ पर आ गया था। घर में सिर्फ मैं था, मेरी बूढी माँ और तारा। मैं उसकी तरफ वैसे तो आकर्षित नही होता था पर धीरे धीरे तारा जवान होने लगी और अनायास ही मेरी नजर उस पर जाने लगी। जब जब तारा बाथरूम में नहाने जाती तो उसके अंदर के नंगे बदन के दर्शन बार बार हो जाते थे। हमारे घर के बाथरूम में दरवाजा नही था। सिर्फ पर्दा ही लगा रहता था। कई बार नहाते नहाते पर्दा उड़ जाता था और मेरी नजर तारा के जिस्म पर चली जाती थी। अब उसका यौवन उफान मारने लगा था। अब तारा का बदन किसी वयस्क औरत की तरह दिखने लग गया था। लम्बाई भी काफी बढ़ गयी थी।
कुंवारी भतीजी सेक्स
उसकी छाती अब जवानी के मोठे शहद वाले रस से भर गयी थी। तारा की चूचियां किसी किशोर लड़की की तरह 36” की बड़ी बड़ी हो गयी है। मेरे घर के आस पास के जब कोई लड़का उसे देख लेता था तो उसका लंड खड़ा हो जाता था। तारा जैसी सेक्सी लड़की को चोदने का ख्वाब हर लड़का बुनने लग जाता था। कितने लडके उसे देखकर घर में जाकर मुठ मार लेते थे। जैसे जैसे दिन गुजरने लगे मैं भी अपनी भतीजी के जिस्मानी आकर्षक से नही बच पाया। अब तारा मेरी आंख में गड़ने लगी। उसको चोदने पेलने का ख्याल मुझे दिन रात पागल करने लगा। वो मेरे भाई की सगी लड़की थी। उसे चोदने खाने का हक वैसे तो मुझे नही था। पर लंड कहाँ मानने वाला था। मेरा लंड रोज ही खड़ा हो जाता था। अब धीरे धीरे रंगीन समा बन गया था। एक दिन तारा अपनी क्लास में फर्स्ट डीवीसन पास हो गयी। वो उस दिन बड़ी खुश थी।
“चाचा चाचा!! देखो मैं क्लास में फर्स्ट आई हूँ। मुझे ट्रोफी मिली है” तारा बोली
रिश्तों में चुदाई
वो स्कूल की ड्रेस में थी। 2 छोटी बांधे थे। आते ही मेरे गले से चिपक गयी। उसकी मस्त मस्त मुलायम चूची मेरे सीने पर रगड़ खाने लगी। मैं भी उसे पकड़ लिया और गाल पर चुम्मा ले लिया। वो भी ट्रोफी दिखाने लगी। मेरा ध्यान उधर नही बल्कि उसके आम के जैसे गदराये बदन पर था। मेरा लंड उसी वक्त खड़ा हो गया। इसको तो चोदूंगा चाहे कोई भी जुगाड़ करना पड़े मैंने खुद से कहा। अक्सर वो मेरे सामने सलवार सूट में बिना दुप्पटे के खड़ी हो जाती। उसकी भरी भरी चूचियां मेरा दिमाग घुमा देती। मन करता की दूध पर दांत गड़ाकर काट खाऊ। अब मुझे उसकी चूत किसी भी कीमत पर चोदनी थी। किसी सही मौके का इंतजार कर रहा था। 2 दिन बाद रात में मैं उसके कमरे में चला गया।
तारा बिस्तर पर सो रही थी। बगल में नाईट लैम्प जल रहा था। सोते हुए मेरी भतीजी ऐश्वर्या राय से कम नही लग रही थी। मैं उसके पास जाकर लेट गया और उसके खूबसूरत चेहरे को देखने लगा। तारा छरहरे बदन वाली लड़की थी। उसे मोटा कहना गलत होगा क्यूंकि जादातर आस पडोस की औरते उसे दुबली या पतली लड़की ही बुलाती थी। वो सिंगल चेसिस वाली लड़की थी। मैंने जाकर उसे कुछ देर देखा फिर किस करने लगा। वो सोती रही। उसके बदन पर दुप्पटा नही था। उसके बड़े बड़े 36” के पके पके पपीते देखकर मैं पागल होने लगा। हाथ लगा लगाकर दबाने लगा। तारा नींद में ही “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….”करने लगी। उसका फिगर 36 32 36 था। मेरा वासना और बढ़ गयी।
पहली बार चुदाई
कुछ देर मैंने उसकी मस्त मस्त चूची को उपर से दबाया। उसे गर्म किया। पर फिर भी तारा सोने में मस्त थी। मैं उसके पेट पर पहुच गया और उसकी कमीज को जरा उपर उठाया। उसका सफ़ेद गोरा गोरा पेट दिखने लगा। मैं किस करने लगा। उसकी नाभि काफी सेक्सी और गहरी थी। मैं ऊँगली करने लगा। नाभि को जीभ लगाकर चाटने लगा। तारा अब भी नही जागी। मेरी कामुकता और बढ़ गयी। आखिर में उसकी सलवार के उपर से चूत को सहलाने लगा। कुछ देर मसलता रहा। मेरी भतीजी तारा अब जाग गयी। वो नादान थी। इस बात से अंजजान थी की मेरे इरादे बड़े काले थे। मैं उसको चोदने की ताक में था।
“चाचू?? आप यहाँ पर??” वो आँख खोलते ही कहने लगी
“मजा लेगी??” मैंने कहा
“मजा?? किस तरह का??” वो पूछने लगी
मैं उसी वक्त उसकी चूत को सलवार के उपर से ही जल्दी जल्दी सहलाने, रगड़ने लगा। आखिर उसे पता चला की किस मजे की बात मैं कर रहा हूँ। वो सर हिलाकर हा बोल दी। अब मेरा काम बन गया। मेरी जवान सेक्सी भतीजी आज खुद ही चुदने के मूड में आ गयी थी। मैं उसी वक्त उपर से उसकी चूत सहलाने लगा। 10 मिनट रगड़ता ही रहा। अब तारा चुदासी बन गयी। वो मेरे कब्जे में अब आ गयी थी। मैं उसके उपर जाकर लेट गया और किस शुरू किया। तारा का ये प्रथम सम्भोग होने वाला था। आज पहली बार वो चुदने जा रही थी। उसे भी मजा आने लगा। दोनों हाथो से मुझे पकड़ ली और किस करने लगी। मैं उसके लिप्स पर अपने लिप्स रखकर किस करने लगा। चुम्बन अच्छे से होने लगा। तारा भी इधर चुदक्कड लड़की बन गयी।
“जीभ दे!!” मैं बोला
तारा अपनी रसीली जीभ मुंह से बाहर निकाली। मैंने उसे मुंह में ले लिया और चूसने लगा। ऐसा करने से तारा का अंग अंग चुदने को व्याकुल हो गया। वो तीव्र आवेश से भर गयी और ““ओहह्ह्ह….अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” बोलकर जीभ चुसव्व्ल करवाने लगी।
Bhatiji Sex
“अब मेरी जीभ चूस तू” मैंने कहा
अब मेरी जवान भतीजी मेरी जीभ चूसने लगी। हम दोनों का बदन इतना गरमा गया जैसे दोनों को बुखार चढ़ गया हो। दोस्तों ये चुदाई वाला बुखार था, मैं जानता था। अब उसके गाल पर मैं चुम्मा देने लगा। दांत गड़ा गड़ा कर काटने लगा। तारा को कुछ कुछ होने लगा। मैं चूत की तलाश में निकल पड़ा और नीचे बढ़ने लगा। तारा मुझे ऐसे पकड़ ली जैसी मेरी देसी रखेल या रंडी को। मेरा लंड फनफना उठा।
“ओह्ह चाचू!! आह चाचू” बोलने लगी। मैं उसके गाल पर कई बार पप्पी ले लिया। अब उसके 36” की बड़ी बड़ी पहाड़ जैसे दूध मेरे सामने थे। लगता था की कमीज को फाड़कर अभी बाहर निकल जाएगे। मैं दोनों पर्वतों पर हाथ लगाकर साइज पता करने लगा। मेरी भतीजी “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” करने लगी। उसे पर्वतों यौवन के मीठे रस से भरे थे। मैं दबाने लगा, मसलने लगा। तारा सिसियाने लगी। मेरी वासना आग पकडती चली गयी। अब तारा के पपीते पर उपर से हाथ लगाने लगा। जोर जोर से दबाने लगा। वो मचल उठी। मैं उसके पहाड़ पर किस करने लगा। उपर से कमीज वाले कपड़े के उपर से दांत गडाकर काटने लगा। वो आहे लेने लगी। उसकी गरम गर्म सासे मेरे चेहरे को पटाने लगी।
“तारा!! खोल ना!!” मैंने धीरे से कहा
वो समझ गयी। अपनी कमीज खोली। मैं बेताबी से चूची की नुमाईस देखना चाहता था। वो सफ़ेद कॉटन ब्रा को खोलने लगी। हुक कही फसा हुआ था। मैं जल्द से जल्द उसके पपीते को मुंह में लेना चाहता था।
“क्या हुआ??” मैंने बेताबी से पूछा
“चाचू!! लगता है हुक कही फस गया है” तारा आँख मटकाकर बोली
मेरा सब्र समाप्त हो गया। उसे घुमाया और ब्रा के दोनों फीते को इतना जोर से खीचा की हुक टूट गया। मैंने जल्दी से ब्रा को उताकर अपनी चुदासी भतीजी को बेआभरू किया। वो खुद ही लेट गया। मैंने एक सेकंड भी जाया नही किया। उसके मस्त मस्त पपीते को हाथ में पकड़कर मुंह में लेकर चूसने लगा। तारा बिस्तर पर उछलने लगी। वो “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करने लगी। मैं अब कामवासना के वश में पूरी तरह से आ गया था। हवस में आकर अपनी चुदासी भतीजी के दूध पी रहा था। वो उछल उछल पर पिला रही थी। दोस्तों, दिल कर रहा था की दूध को नोच कर उसके बदन से अलग कर दूँ। कुछ देर में मेरी कामपिपासा सभी स्तर पार कर गयी। मैंने दुसरे वाले दूध को शिद्दत से चूसा। तारा का प्यार अब मेरे लिए बढ़ गया था। आजतक किसी ने उसके पपीते को नही पिया था। मैं दबा दबा कर रस निकलने लगा।
“चूत!!” मैंने कहा
वो बड़ी समजदार थी। बोलते ही अपनी सलवार का नारा खोलने लगी। उसे उतार डाली। अपनी चड्डी खोलकर किसी रंडी की तरह अपना गेट खोल दी। मैं उसकी मस्त मस्त बुर देखने लगा। लाल लाल पंखुड़ी वाली और रस से चुपड़ी जैसे रोटी में देसी घी लगा देते है। मैं जीभ लगाकर उसकी मस्त मस्त बुर चाटने लगा। मेरी भतीजी “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी… हा हा.. ओ हो हो….” करने लगी। उसकी आहते, सिसकियाँ मेरा उत्साह और बढ़ा रही थी। मैं जीभ लगाकर उसके लाल लाल भोसड़े के देसी घी चाटने लगा। तारा अपनी गांड उठाने लगी। मैं खुदरी जीभ ने उसकी बुर खोदने लगा। उसकी भोसड़ी का स्वाद समोसे जैसा नमकीन था। मैं जीभ निकाल निकालकर चाट रहा था।
“चाचू!! उ उ उ उ उ……अजीब अहसास है ये… अअअअअ” तारा कहने लगी।
“क्या तुझे मजा नही आ रहा है?? मैंने कहा
वो सिर हिला के हा बोल दी। उसकी हालत बिन पानी के मछली जैसी हो गई। मैं उसकी भोसड़ी को खाने लगा। उसकी एक एक कली, एक एक तह को चाटने लगा। उसके भोसड़े के अंदर जीभ को नोंक की तरह लपेटकर डालने लगा। तारा मेरी रंडी बन गयी और मेरे सिर को पकड़कर अपनी चूत के धकेलने लगी। उसकी हालत नासाज हो रही थी। मैंने उसकी चूत को चूस चूसकर उसका तमाम मक्खन निकलवा दिया।
“चाचू! तुम भी अपना लौड़ा दिखाओ मुझे” वो कहने लगी
मैंने जल्दी जल्दी अपनी जींस खोली। निकर उतारा। मेरा लंड फनफना गया।
“आओ!!” मैं उसे इशारा किया और लंड चूसने की दावत दी
फिर मैं बिस्तर पर लेट गया। तारा मेरे लंड को ध्यान से देखने लगी। दोस्तों मेरा लंड 8” का बड़ा ही शानदार और ताकतवर दिख रहा था। वो डर रही थी। फिर हाथ में पकड़ ली और फेटने लगी। मैं “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ…ऊँ…ऊँ….” करने लगा। क्यूंकि मुझे काफी मजा मिल रहा था। तारा अच्छे से फेटने लगी। इतना मोटा लंड कैसे उसकी छोटी सी चूत चोदेगा, वो सोचने लगी। फिर चाटने लगी जीभ लगाकर। चुसना चालू कर दी। तारा अच्छे से मूठ दे देकर चूसने लगी। जिस तरह से गाँव वाले गन्ना चूसते है उसी तरह से चूस रही थी। सिर जोर जोर से उसका उपर नीचे हो रहा था। मेरी भतीजी को भी बहुत मजा मिल रहा था। मैं उसके सिर को पकड़ कर और अंदर दबा दिया। मेरा लंड उसके गले तक चला गया। वो उससे कुल्ला करने लगी और मंजन करने लगी।
मैंने उसे अपने सीने पर लिटा लिया। अब दोनों बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड की तरह चिपक गये। मैंने उसकी चूत में लंड अपना मोटा 8” लंड घुसा दिया और चोदने लगा। मेरी भतीजी मेरी प्रमिका बन गयी थी। हम दोनों ख़ामोशी से चुदाई ज्ञान लेने लगे। चुदाई का मजा लेने लगे। और लड़की चोदते समय बात करना अच्छा नही होता है। इससे डिस्टर्ब होता है और मजा ख़राब होता है। इसलिए मैं शांति से अपनी जवान भतीजी की चूत मारी। उसकी नंगी पीठ को बार बार सहलाता और नीचे से उसकी चूत में धक्के मारता। तारा मस्ती से लंड खाने लगी।
“कैसा लग रहा है मेरी चुदक्कड भतीजी??” मैं अपनी भवे उठाकर पूछने लगा
“….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… मजा आ रहा है चाचू!! हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” तारा कहने लगी
मैंने उसे अपने बदन पर लिटाकर 20 मिनट चोदा। फिर उसकी मस्त मस्त गुब्बारे जैसी चूची को मसलने दबाने लगा। वो सी सी करने लगी। फिर वो उसे नीचे लिटा दिया। अपना उपर आ गया। तारा पैर खोल दी। लंड मैंने उसके भोसड़े में डाला और हाहाकार मचाने लगा। उसकी लाल लाल चूत में धक्के देना शुरू किया। तारा मजा लुटने लगी।
उसकी बेचैनी बढने लगी। मैं सटासट चूत में लंड किसी रेलगाड़ी की तरह दौड़ाने लगा। मेरी भतीजी यौवन का मीठा रस लेने लगी। मेरी स्पीड बढ़ने लगी। जल्दी जल्दी धक्के मारने से मेरा बिस्तर चरमरा गया। उसकी गुलाबी गुलाबी चूत अब फटी जा रही थी। वो अपना पेट और कमर उपर तक उठाने लगी। उसका बदन सूखे पत्ते की तरह कांपने लगा। “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की मंद मंद उसके मुंह से निकलती आहे मुझे पागल बना रही थी। मैं जल्दी जल्दी कमर उठाकर उसे चोदने लगा। वो मेरे सामने दोनों हाथ पैरो को खोल दी। खुली किताब की तरह मेरे सामने खुल गयी। मैं जल्दी जल्दी उसकी चूत मारने लगा। मेरा लंड उसकी चूत को कुचलने लगा। मैं जोश में आ गया और फिर से तारा के मुंह पर मुंह रखकर ओंठ चूसने लगा।
“चाचू!! i love you!! i love you” वो प्यार का इजहार करने लगी
मैंने उसके प्यार को क़ुबूल कर दिया। उसे जल्दी जल्दी चोदा और झड़ गया। तारा की जैसे साँस फूलने लगी। उसकी धड़कन बड़ी तेज हो गयी।
“क्या आप और चोदोगे???” वो कहने लगी
“नही आज के लिए इतना काफी है” मैंने कहा और उसके गाल पर पप्पी ले ली
मैं कपड़े पहनकर बाहर निकला तो मेरी बूढी माँ मेरे सामने खड़ी थी।
“तू तारा के साथ क्या कर रहा था??” मेरी माँ कहने लगी
मैं कुछ नही बोला। मेरी माँ समझ गयी थी की मैं उसे अभी चोदकर निकला लूँ। वो सब जान गयी थी। मैं चुप होकर खुद को दोषी समझ रहा था।
“प्रमोद!! ये सब ठीक नही है” वो बोली और चली गयी
दुसरे दिन मेरा फिर से मौसम बन गया। जैसे ही रात हुई मेरा लंड फिर से किसी शैतान की तरह जाग गया। पर माँ का डर था। मैंने जाकर देखा। रात के 12 बजे थे और मेरी माँ जी सो रही थी। मैं फिर से तारा के कमरे में चला गया। जाकर उससे लिपट गया। वो जाग गयी।
“चाचू!! दादी ने तो नही देखा??” वो पूछने लगी
“नही वो सो रही है। मुझे आज तेरी गांड मारनी है” मैंने कहा
मेरी जवान चुदक्कड भतीजी कपड़े खोलकर नंगी हुई और घोड़ी बन गयी। उसकी गांड का छेद मैं चाटने लगा। कस कस कुवारा छेद चाट रहा था। उसके बाद जीभ लगाकर अच्छे से चूसने लगा। फिर अपना 8” लंड डालकर उसकी गांड की चुदाई भी कर डाली। उसके बाद ऐसी कोई रात नही जाती है जब अपनी भतीजी को नही पेलता हूँ। वो मेरी रंडी बन गयी है। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए सेक्स कहानी डॉट नेटपढ़ते रहना। आप स्टोरी को शेयर भी करना।
Hello! I’ve been following your web site for a while now and finally got the bravery to go ahead and
give you a shout out from Humble Texas!
Just wanted to tell you keep up the excellent work!
Hello i am kavin, its my first occasion to commenting anyplace, when i read this paragraph i thought
i could also make comment due to this brilliant piece of writing.
Chinese facial lines interperationSkimpy bikini failureJo guest dildoLesbo lover kissing video clipsHot lesbian haircuttingFree porn gagging moviesFree sex games with real peopleBigger anus xnxx Balls suck muscleVagina monologues extractsMama’s drunk fuckingFree japanese pussy white dickLatina babes nakedTeen camaltoe picturesTroubled teens in sylva north
carolinaSmall dicked trackie ladsSmeared my poop on my penisCosplay hentai tifa https://newtube.cc/
Big boobed biker chicksVip strip club chicagoVinings georgia breast augmentationMaya karin bikiniNo tits whoresHow to have
a healthy vaginaWhite boy spreads his assAnal free picturesChatroulette pornBlowjob site xnxx Immoral meaning practice
sexUsed cum filled condomObama’s views on gay marriageFroedtert east breast care
centerHuff fist pumpTeen girl modelEscorts serviceVintage medical tongsPelvic hematoma hysterectomy vaginal bleedingNude black woman making loveMedical mysteries clitorisSunset thomas
fucks black