तलाकशुदा आंटी अपनी चूत दिखाकर मेरा लंड खड़ा की
और फिर सोचा की क्यूँ ना मैं भी कहानी लिख ही दूँ जो काफी दिनों से मेरे मन में हे! दोस्तों ये चुदाई की कहानी मेरी पड़ोसन आंटी की हे जो लगभग 33-34 साल की हे. वो एक डिवोर्सड लेडी हे और जॉब करती हे. और आंटी के नैन नक्श और बॉडी ऐसी सेक्सी हे की किसी के मुहं में भी उसे देख के पानी आ जाए. एकदम भरा हुआ माल हे ये आंटी. उसका फिगर ऑलमोस्ट 38-36-42 का होगा. साली की गांड तो जैसे पीछे किसी ने दो बड़े खरबूजे लटका दिए हो. जब भी वो मेरे घर के पास से गुजरती हे तो मैं सब कुछ काम को छोड़ के उसे देखना नहीं भूलता हूँ. मैं बहुत सोचता था की काश मुझे इस आंटी की चुदाई करने को मिले.
मैंने आंटी से नजदीकी सी बना ली और जब भी मौका मिलता था मैं उसके लिए छोटा बड़ा काम कर दिया करता था. एक दिन की बात हे मैं कुछ काम के लिए आंटी के घर पर गया हुआ था. मैंने दरवाजे की घंटी बजाई तो उन्होंने ही दरवाजे को खोला. आंटी यलो साडी के एकदम सेक्सी लग रही थी. उसके पीछे का भाग एकदम बहार आया हुआ लगता था. उसकी दोनों चूचियां बड़ी मादक लग रही थी और दोनों के बिच की गली बड़ी सेक्सी लग रही थी. आंटी ने मुझे कहा चाय पियोगे, तो मैने कहा हां पिला दीजिये. आंटी चाय बनाने के लिए गई और मैं सोफे पर बैठ के टीवी देखने लगा. टीवी के ऊपर इमरान हाशमी की मर्डर चल रही थी. शायद फिल्म की आवाज अंदर किचन में आंटी के कानों में भी पद रही थी. जब वो चाय ट्रे में ले के आई तो मैं जल्दी से चेनल चेंज कर दिया. आंटी ने जो बोला वो मेरी समझ के बहार था.
आंटी: अरे रहने दो कोई बात नहीं हे अक्षय, ये सब सिन से शरमाने की कोई जरुरत नहीं हे!
ये कह के उन्होंने मेरे हाथ से रिमोट लिया और फिल्म चालू कर दी उस वक्त टाईटल सोंग चल रहा था जिसमे इमरान हाशमी हिरोइन के कपडे उतारते हुए देखा जा सकता था. आंटी मेरी बगल में ही बैठ गई. और साला मेरा तो लंड फूलना चालू हो गया. आंटी हे ही इतनी सेक्सी की वो जहाँ हो वहां के लंड खड़े हो जाते हे.
आंटी ने मुझे चाय दी तो मुझे एक शरारत सूझी. मैंने जानबूझ के अपना हाथ थोडा हिला दिया और चाय गिरा दी. चाय मेरी जांघो के ऊपर गिर गई. आंटी ने अपने साडी के पल्लू से ही मेरी जांघ को साफ़ करना चालू कर दिया. उसने थोडा पानी भी लिया और पेंट को साफ़ करने लगी. बूब्स के ऊपर से पल्लू हटने से आंटी के बूब्स मस्त दिख रहे थे. वो ऐसे लग रहे थे जैसे की कह रहे हो की आ मुझे दबा!
आंटी ने ऊपर देख के मुझे पूछा की कही दर्द तो नहीं हो रहा ना. पर मैं तो आंटी के बड़े बूब्स देखने में ही बीजी था. और जब उसे लगा की मेरा ध्यान उसके बूब्स पर ही हे तो वो भी थोड़ी थोड़ी हॉट होने लगी. आंटी ने भी मस्ती से पूरा पल्लू निचे कर के अपने बूब्स दिखा दिए. और वो पेंट को साफ़ करते हुए मुझे सेक्सी नजर से देख गई. मैंने आंटी के बूब्स को पकड के उन्हें दबा दिए.
पहले तो इस आंटी ने मुझे पकड के धक्का दिया. पर फिर वो भी मेरे से लिपट गई और मुझे होंठो के ऊपर किस करने लगी. उसने कम से कम 7 मिनिट तक किस किया. मेरा लौड़ा एकदम कडक हो गया था और पेंट में चिभ सा रहा था. आंटी ने अपने हाथ में मेरे लौड़े को पकड लिया और उसे दबाने लगी.
मैंने आंटी से कहा, आंटी आप बड़ी मस्त हो और मुझे बड़ी पसंद हो. आज मुझे सब कुछ कर लेने देना, मैं आज आप से प्यार कर लेना चाहता हूँ.
आंटी ने कहा, अरे मैं भी तुम्हारालेना चाहती हूँ आज तुम मेरी चूत की प्यास को बुझा दो!
फिर आंटी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और अपने बेडरूम की तरफ ले गई. और फिर बेडरूम में आंटी ने अपने सब कपडे एक एक कर के खोल दिए. आंटी को नंगा देखकर मैं एकदम पागल हो गया और मैंने आंटी के बूब्स को पकड के चुसना चालू कर दिया. मैंने आंटी के दोनों बूब्स को कम से कम 10 मिनिट तक चूसा. आंटी आह आह करती गई.
फिर मैंने आंटी को उसके बेड पर टाँगे खोल के लिटा दिया और मैंने उनकी चूत के ऊपर किस दे दिया. आंटी को देखा तो वो एकदम मस्ती में आ गई थी. आंटी के बुर से मस्त सुगंध आ रही थी. मैंने अपनी जीभ को आंटी के बुर के छेद में डाल दिया और वो और भी मस्तियां उठी. वो एकदम जोर जोर से सिसकियाँ भर रही थी और मैं उसकी चूत को एकदम मस्ती से चाट रहा था. अब हम दोनों ही एकदम चुदासी हो गए थे और मुझसे रहा भी नहीं गया. मैंने अपने लम्बे लौड़े को आंटी की चूत पर रख के धक्का लगा दिया. आंटी के मुहं से दर्दभरी चीखने की आवाजें निकल पड़ी, अरे बाप रे निकाल इसे मर गई मैं तो बाप रे कितना बड़ा हे आःह निकाल लो जल्दी से इसे.
मैंने लंड फटाक से निकाल लिया और आंटी को पूछा की क्या हुआ?
आंटी ने बोला की ये लंड तो एकदम तगड़ा हे मेरी चूत की चमड़ी जैसे छिल गई.
मैंने कहा आंटी बड़ा हे तो बहतर हे. फिर उसे शांत कर के मैंने फिर से अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया. अब भी वो जोर जोर से सिसकियाँ ले रही थी. पर अब की उसने मुझे रुकने के लिए नहीं कहा इसलिए मैंने धीरे धीरे से अपने लं को उसकी चूत में चलाया. और जैसे ही मैंने अपने झटके बढाए तो वो फिर से रोने सी हो गई. लेकिन अब की मैंरुका नहीं और मैंने लौड़े को भी उसकी चूत से बहार नहीं निकाला. मैंने खूब गति से उसका बुर पेलने लगा था अब तो.
आंटी बोली, अरे इतना जोर से क्यों चोद रहे हो मुझे मार ही डालोगे तुम तो, अब बस करो.
लेकिन उसने ये हँसते हुए कहा था इसलिए मैं समझ गया की उसे मजा आ रहा था मेरा लंड ले के. मैंने आंटी के बूब्स मसल के फिर से उसकी चूत को जोर जोर से बजा दिया.
फिर हमने पोस चेंज किया. वो बोली मैं लंड की सवारी करना चाहती हूँ. मैंने निचे लेट गया और वो मेरे लंड को अपनी चूत में सेट कर के उसके ऊपर बैठ गई. आंटी के बूब्स मस्त उछल रहे थे जब वो मेरे लौड़े के ऊपर उछल रही थी. मैंने अपने दोनों हाथ उसकी बड़ी गांड पर रख दिए थे और मैं उसे कस कस के निचे से धक्के दे रहा था. करीब 10 मिनिट वो लंड के ऊपर उछलने के बाद थक गई. फिर मैंने उसे कुतिया बना दिया. और इस पोस में तो लंड एकदम अन्दर तक जा रहा था. इस पोस में ही मैंने अपने लंड का पानी आंटी के बुर में छोड़ दिया. और फिर हम दोनों चिपक के सो गए.
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