पति के दोस्त ने मेरी चूत को चोदकर फाड़ दिया और धन्यवाद किया
हेल्लो दोस्तों, मैं आप सभी का sexkahani.net में बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। मेरा नाम निशा शर्मा है। मैं पिछले कई सालों से नॉन वेज स्टोरी की नियमित पाठिका रहीं हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ती हूँ और मजे नही लेती हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रही हूँ। मैं उम्मीद करती हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी।
दोस्तों मेरे पति का दोस्त रोहन हर शनिवार को मेरे घर आता था। मेरे पति को महंगी इंग्लिश शराब पीना बहुत पसंद था। पति और रोहन दोनों रात में बैठकर शराब पीते थे। मैं ही उन लोगो के लिए शराब ग्लास में निकालती थी। कभी कभी मैं भी पी लेती थी। धीरे धीरे मुझे रोहन अच्छा लगने लगा और मैं उससे पट गयी थी। अब मैं अपने पति को जादा शराब पिला देती थी। रोहन कई दिन से मुझे चोदने की डिमांड कर रहा था। पर मुझे मौक़ा नही मिल रहा था। 2 दिन बाद फिर से शनिवार की रात आ गयी थी। मेरे पति और रोहन एक ही कम्पनी में काम करते थे। पति ने तो मुझे चोद चोदकर मेरी चूत बिलकुल ढीली कर दी थी। पर दोस्तों मैंने अपनी सेहत को बनाए रखा था। मैं कभी भी तला भुना या जादा मसालेदार खाना नही खाती थी। मैं हमेशा हरी सब्जियां और जूस लेती थी। इस वजह से मैं बहुत ही जवान और खूबसूरत थी। आज भी मैं कोई 20 साल की जवान लड़की लगती थी।
शनिवार की रात आ गयी थी। मेरे पति और रोहन के आने का वक़्त हो गया था। मैं जल्दी से बाथरूम में भागी और अपनी रसीली चूत की झांटो को मैंने जल्दी से शेव कर लिया। फिर चंदन के साबुन से मैंने अच्छे से नहा लिया। अब मेरा अंग अंग चमक रहा था। मैं कोई मस्त परी जैसी लग रही थी। आज मेरा अपने पति के दोस्त रोहन से चुदने का बहुत मन था। नहाकर मैंने लाल रंग की अच्छी सी साड़ी पहन ली। मैंने अपने होठो पर लिपस्टिक लगाई और पूरा मेकअप किया। जब मैं रेडी हुई तो मैं बहुत खूबसूरत माल लग रही थी। कुछ ही देर में दरवाजे की घंटी बजी। मैंने दरवाजा खोला। पति रोहन के साथ थे। रोहन मुझे देख के मुस्की मार रहा था। आज रात वो मेरी चूत को चोदकर उसका धन्यवाद करने वाला था। आज रात मैं रोहन का मोटा लंड खाना चाहती थी। चुदवाने के लिए मैं बिलकुल मरी जा रही थी।
“निशा बेबी!! उफ्फ्फ आज तुम कितनी हॉट लग रही हो??? जाओ जल्दी से गिलास ले आओ” पति बोले। मैं जल्दी से अंदर गयी और उन लोगो के लिए गिलास ले आई। फिर वो दोनों शराब पीने लगे। धीरे धीरे मेरे पति टल्ली होने लगे। उनके दोस्त रोहन ने मेरा हाथ वही पकड़ लिया।desi kahani ,hindi sex stories ,sex story ,xxx story ,kamukta.com ,sexy story ,nonveg story ,chodan ,indian sex stories ,mastram stories , xxx hindi story
“निशा! भाभी और कितना तड़पाओगी” रोहन बोला और मुझे उसके अपने सोफे पर खीच लिया और चुम्मा लेने लगा। मुझे भी अच्छा लग रहा था। रोहन 30 साल का एक जवान मर्द था और कुवारा था। अभी उसकी शादी भी नही हुई थी और मुझे कुवारे मर्द बहुत पसंद थे। मैं मुस्कुराने लगी। रोहन ने मुझे बाहों में भर लिया और मेरे गाल चूमने लगा।
“भाभीजान! कब चूत दोगी?? मेरा लंड तो कबसे खड़ा है!!” रोहन बोला “रोहन डार्लिंग!! कुछ देर रुको। इन्तजार में जो मजा है वो किसी में नही है!!” मैंने मुस्कुराते हुए कहा। रोहन ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया और मेरी साडी के उपर से ही मेरे मम्मे दबाने लगा। मेरी गांड में उसका लंड चुभ रहा था। क्यूंकि मैं ठीक रोहन के लंड के उपर बैठी थी। वो मुझे पति के सामने ही किस कर रहा था। मेरे पति नशे में धुत हो चुके थे। कुछ देर बाद वो जाग गये।
“निशा बेबी!! एक लार्ज ग्लास और बनाओ और आइस भी डाल दो!!” पतिदेव ने आँखे बंद किये ही कहा। मैंने उठने लगी तो रोहन ने मुझे पकड़ लिया और जल्दी जल्दी मेरे गाल पर चुम्मा लेने लगा। मेरी चूत गीली हो गयी थी। मेरा उससे चुदाने का बड़ा दिल कर रहा था। रोहन ने मेरी साड़ी के पल्लू को गिरा दिया और मेरे ब्लाउस के उपर से मेरे बड़े बड़े 40” के कबूतर दबाने लगा। मैं “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…आह आह उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” की आवाज निकालने लगी। मुझे बहुत मजा आ रहा था।
“रोहन डार्लिंग!! प्लीस मुझे जाने दो। जल्दी से मैं तुम्हारे भैया को एक लार्ज गिलास पिला दूँ , फिर हम अंदर कमरे में चलकर मजे करते है!!” मैं बोली
“भाभी!! भैया [मेरे पति] को तो काफी चढ़ चुकी है। तुम बर्फ लेने जाओगी, पर ब्लाउस उतार कर!!” रोहन बोला। फिर वो जल्दी जल्दी मेरे बूब्स दबाने लगा। धीरे धीरे उसने मेरे ब्लाउस की सब बटन खोल दी। ब्लाउस निकाल दिया। फिर रोहन ने मेरी ब्रा भी खोल दी और निकाल दी। अब मैं उपर से नंगी हो गयी थी। मेरे बड़े बड़े 40” के मम्मे उसे साफ़ साफ़ दिख रहे थे। रोहन ने मुझे पकड़ लिया और किस करने लगा। मेरे खूबसूरत गोल और बड़े बड़े बूब्स देखकर उसे बहुत मजा आ रहा था। उसने मुझे पकड़ लिया और मेरे नंगे चिकने कंधों पर किस करने लगा। फिर उसने मेरी रसेदार चूचियों को बाहों में भर लिया और सहलाने लगा। मैं “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह आआआअह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” की आवाज निकालने लगी। मुझे बहुत हॉट और सेक्सी फील हो रहा था। आज किसी नये मर्द ने मेरे बूब्स को हाथ में ले लिया था। फिर मैं खड़ी हो गयी और पति देव के लिए आइस ले आई। मैंने एक बड़ा गिलास बनाकर पति को दिया। उन्होंने अपनी आँख नही खोली और पी गये। फिर वो सो गये। उनके दोस्त रोहन ने फिर से मुझे अपनी गोद में बिठा दिया और मेरे मम्मे पीने लगा।
“रोहन डार्लिंग!! चलो कमरे में चलते है। यहाँ पर नरेन्द्र [मेरे पति] जग सकते है” मैंने कहा। फिर रोहन मुझे लेकर दूसरे कमरे में चला आया। उसने अपने कपड़े निकाल दिए। वो नंगा हो गया। फिर हम बिस्तर पर लेटकर मजे करने लगे। रोहन से मुझे बाहों में भर लिया और किस करने लगा। वो मेरे कंधों और मम्मो को किस कर रहा था। फिर वो मेरे नंगे मम्मे दबाने लगा। मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था। वो मेरे बूब्स को तेज तेज दबा रहा था। मेरे जिस्म में चुदास की आग लग रही थी। मैंने भी रोहन की पीठ को सहला रही थी। वो किसी बच्चे की तरह मेरी चूचियां पी रहा था। मुझे एक अलग सा नशा मिल रहा था। रोहन के दांत मेरे चिकने मम्मो में चुभ जाते थे। मैं
“आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्हह्ह….अई.
.अई..अई…..अई..मम्मी….” बोलकर चिल्ला देती थी। मेरी साड़ी रोहन ने निकाल दी थी। अब मैं सिर्फ पेटीकोट में थी।
वो मेरे उपर लेटकर मेरी रसीली चूचियां पी रहा था। मैंने उसके 9” के लंड को सहला रही थी। हाय दैया!! कितना मोटा लंड था। मेरे पति के लंड से ३ गुना मोटा लंड था। मेरे तो मुंह में पानी आ रहा था। फिर मैं जल्दी जल्दी रोहन का लंड फेटने लगी। वो मेरी चूचियां पीने में बिसी था। उसने मेरी बायीं चूची को किसी आम की तरह चूस लिया। फिर मेरी दाई चूची को मुंह में ले लिया और पीने लगा। मेरी चूत से अब माल निकलने लगा था। मैं जल्दी जल्दी अपने पति के दोस्त रोहन की नंगी पीठ को जल्दी जल्दी सहला रही थी। मैं चाहती थी की आज वो पूरी तरह से जोश में आकर मेरी चूत का धन्यवाद करे और उसे कसके चोद चोद कर फाड़ दे। मैं यही चाहता थी। रोहन अब भी मेरी चूचियों को मसल रहा था और चूस रहा था। मैं उसके सिर को अपने बूब्स की तरह दबा देती थी जिससे पुरी चूची उसके मुंह में घुस जाए। आज मैं ऐश कर रही थी। कुछ देर बाद रोहन ने मेरा पेटीकोट खोल दिया और पेंटी भी निकाल दी। मेरी चूत से बहुत सारा सफ़ेद माल बाहर निकल आया था। फिर रोहन ने मेरी टांगों को खोल दिया और मेरी चिकनी चमेली चूत को पीने लगा। मैं
“……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ.
.ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की सेक्सी आवाजे निकालने लगी। मेरी चूत में ज्वालामुखी आ चुका था। मेरी चूत किसी परमाडू भट्टी की तरह धधक रही थी। रोहन मेरी रसीली चूत का सारा माल पी रहा था। वो मेरी चूत को अच्छे से पी रहा था। मेरे चूत के दाने को रोहन जल्दी जल्दी घिस रहा था। मैं बांवली हो रही थी।
“माँ के लौड़े….तेरी बहन की चूत….तेरी माँ की चूत….चाट और चाट मेरी चूत को! और अच्छे से पी मेरी चूत!!” मैंने रोहन से कह रही थी। फिर वो और जल्दी जल्दी मेरी बुर पीने लगा। मैं बार बार अपनी कमर और गांड हवा में उठा रही थी। मैं बेकाबू हो रही थी। मुझे बेचैनी हो रही थी। रोहन तो बड़ा जालिम निकला। वो किसी चुदासे कुत्ते की तरह मेरी चूत जल्दी जल्दी पी रहा था। मैं पागल हो रही थी। बड़ी देर तक ये खेल चला। रोहन ने 20 मिनट मेरी चूत पी और चुसी। फिर उसने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मुझे जल्दी जल्दी चोदने लगा। मैंने खुद को उसके हवाले कर दिया। रोहन मेरी रसीली चूत में ताबड़तोड़ धक्के मारने लगा। मैं ऐश कर रही थी। आज मैं किसी गैर मर्द का मोटा लंडखा रही थी।इससे पहले कभी मैंने 9” का मोटा लंड नही खाया था। रोहन मुझे जल्दी जल्दी चोदने लगा। मुझे भरपूर मजा मिल रहा था। “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… रोहन चोदो चोदो…. आज मेरी चूत फाड़ फाड़कर इसका भरता बना डालो जाननननन….” मैंने जोश में आकर कहा। फिर रोहन मेरी चूत में और जादा चौके चक्के मारने लगा। मुझे सेक्स का अजीब सा नशा चढ़ गया था। आज मैं अपने ही घर में एक गैर मर्द से चुदा रही थी। रोहन मेरी चूत को फाड़ रहा था। वो मेरी चूत का चबूतरा कर रहा था। मुझे मजा आ रहा था। फिर रोहन ने मेरे कंधों पकड़ लिए और मेरे उपर झुक गया। उसके बाद दोस्तों उसने 20 मिनट तक किसी सेक्सी रंडी की तरह चोदा। मैं “….आआआआअह्हह्हह… अई…..अई….ईईईईईईई मर गयी…मर गयी….मर
गयी….मैं तो आजजजजज!!” चिल्ला रही थी। फिर रोहन मेरी रसीली चुद्दी [चूत] में ही झड गया। हम दोनों के पसीने छूट गये थे। वो मेरे उपर गिर गया। मैं पसीना पसीना हो गयी थी चुदाकर। फिर हम किस करने लगे। बड़ी देर तक मैंने उसके होठ चूसे।
“रोहन!! आज तो तुमने मेरी चूत फाड़ दी और इसका चबूतरा बना डाला!!” मैंने कहा “निशा भाभी!! मैं जिस औरत को अपने 9” लंड से पेलता हूँ वो मेरी इसी तरह तारीफ करती है!!” रोहन बोला
“भाभी! क्या तुम और भी मर्दों से चुदवा लेती हो???” रोहन बोला “नही !! जो मर्द मुझे बहुत पसंद आते है सिर्फ उसने ही मैं चुदाती हूँ” मैंने कहा उसके बाद मैं बिस्तर से नीचे उतर आई और फर्श पर खड़ी हो गयी। रोहन भी नीचे उतर आया। वो मेरे गोल मटोल चुतड को सहलाने लगा। फिर उसने कई बार मेरे पुट्ठो पर कस कसे चांटे मारे। चट चट की आवाज कई बार आई। मेरे पुट्ठे लाल हो गये।
“जाओ निशा भाभी!! एक गिलास ड्रिंक बना लाओ आइस के साथ!!” रोहन बोला। मैं किसी देसी रंडी की तरह अपने कुल्हे मटकाते हुए गयी और शराब की गिलास लेकर मैं ड्रिंक बनाने लगी। तभी मेरे पति जाग गये।
“निशा!! तुम नंगी कैसे हो?? कहीं तुम रोहन से चुदवा तो नही रही हो???” मेरे पति नरेंद्र बोले
“जान !! मैं नंगी कहाँ हूँ। मैं तो कपड़े पहनी हुई हूँ। लो तुम शराब पियो!!” मैंने कहा और पति को एक गिलास और शराब पिला दी। पति फिर से टल्ली हो गये। मैं जाम बनाकर अंदर कमरे में आ गयी। रोहन को अपने हाथ से मैंने जाम पिलाया। थोड़ी शराब मैंने भी पी। फिर हम दोनों किस करने लगे। रोहन सीधा लेट गया।
“निशा भाभी!! प्लीस मेरा लंड चूसो!!” रोहन बोला
मैंने इतना बड़ा लौड़ा आज तक नही देखा था। रोहन का लंड तो किसी गधे के लंड की मोटा और लम्बा था। मैंने डरते डरते लंड हाथ में लिया। मैं सहमकर उसका लंड हाथ में लेकर फेटने लगी और जल्दी जल्दी अपने हाथ को उपर नीचे करने लगी। मन ही मन में मेरे दिल में लड्डू भी फूट रहा था की ये रसीला लंड आज मुझे चोदेगा और खूब मजा देगा। ये सब सोचकर मैंने रोहन का लंड मुंह में ले लिया और किसी लोपीपॉप की तरह चूसने लगी। कुछ देर बाद मुझे भी मजा आने लगा। किसी रंडी छिनाल की तरह मैं रोहन का लंड चूस रही थी। लंड पर जल्दी जल्दी मैं सिर हिला रही थी मुंह में लेकर। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं रोहन के लंड से मंजन करने लगी। गले के आखरी छोर तक मैं उसके मीठे और रसीले लंड को मुंह में लेकर चूस रही थी। रोहन “……आआआआअह्हह्हह…..
हा हा हा..ओ हो हो…..” कर रहा था।
मुझ जैसी खूबसूरत औरत के रसीले होठ से लंड चुस्वाने का सौभाग्य आज उसको मिल रहा था। ये बहुत ही बड़ी बात थी। फिर मैंने अपने मुंह से उसका लौड़ा निकाल दिया। मेरे मुंह में २ ४ चम्मच माल छूट गया था। मैं पी गयी। मुझे मजा आ रहा था। मैं रोहन के लंड से खेलने लगी। अपने चेहरे पर लंड से प्यार भरी थपकी लेने लगी। रोहन के 9” इंची लंड तो मेरे चेहरे के जितना लम्बा था। वो अपने रसीले लौड़े से मेरे चेहरे की लम्बाई नाप सकते था। फिर रोहन भी अपने मोटे लौड़े से मेरे चेहरे को मारने लगे। मैं उसकी गोलियां चूसने लगी। आज तो मैं किसी रंडी छिनाल की तरह बर्ताव कर रही थी। मैं ४० मिनट तक रोहन का रसीला लंड चूसा। उसके बाद उसने मुझे कुतिया बना दिया। फिर रोहन जोर जोर से मेरी बुर में ऊँगली करने लगा और जल्दी जल्दी मेरी चूत फेटने लगा। मेरी चूत बड़ी पनीली हो गयी थी, क्यूंकि रोहन उसको जल्दी जल्दी फेट जो रहा था। कमरे में मेरी चूत को फेटने की पनीली फच फच करती आवाज आ रही थी जैसे कोई पानी में चीनी घोलकर शरबत बना रहा है। मैं ये सब बर्दास्त नही कर पा रही थी। मैं जल्द से जल्द चुदवाना चाहती थी। “…उई..उई..उई…. माँ…माँ….ओह्ह्ह्ह माँ….अहह्ह्ह्हह..” मैं
चिल्ला रही थी। मैं कुतिया बनकर रोहन से चूत में ऊँगली करवा रही थी। मैं जानती थी की मुझसे बड़ी छिनाल इस दुनिया में दूसरी नही मिलेगी। दोस्तों, ये बात मैं अच्छी तरह से जानती थी। फिर रोहन ने मुझे कुतिया बनाकर पीछे से मेरी चूत एक बार फिर से चोदी। कहानी आपको कैसे लगी?
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