बहन ने पार्किंग में 3 लंड लिए
हाई दोस्तों मेरा नाम जय हे और मैं अपनी चुदाई की कहानी ले के हिंदी पोर्न स्टोरीज़ डॉट कॉम पर आया हूँ. ये कहानी मेरी सब से बड़ी वाली सिस्टर की चुदाई की हे! ये बात पिछले साल की हे जब मैंने अपने स्कुल के एक फ्रेंड को किसी काम से अपने घर पर बुलाया था.
बात जलाई के महीने की हे और उन दिनों बहुत गर्मी थी. मेरे घर में सब लोग काफी मोडर्न हे और लेडीज़ शोर्ट कपडे पहनने में खीचकती नहीं हे.
दोस्तों इस सेक्स की कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं अपने दोस्त का परिचय भी करवा दूँ. उसका नाम अजय हे और उसकी हाईट थोड़ी कम हे. उसका बदन हेवी हे और पेट थोडा बहार को आया हुआ है. वो अपने एक दोस्तों को ले के मेरे घर आया था.
अजय मेरे घर आया हुआ था. और वो गलती से मेरी बहन के करे में घुस गया. तब उसने पहली बार मेरी बहन को देखा. मेरी बहन का नाम अंकिता हे. वो देखने में एकदम गोरी हे और उसका फिगर 34d 28 34 हे. वैसे मेरे घर में सब का फिगर मस्त हे क्यूंकि सभी जिम फ्रिक हे. क्यूंकि गर्मी ज्यादा थी इसलिए उस दिन मेरी बहन ने सिर्फ टी-शर्ट और स्कर्ट पहनी हुई थी. वो अपने पेट के बल बिस्तर पर पड़ी हुई थी. बहन की मस्त बड़ी गांड देख के मेरे दोस्त का तो लंड खड़ा हो गया. लेकिन मेरी बहन ने उसे नहीं देखा.
अजय और उसका दोस्त दोनों मेरी बहन की बड़ी गांड को देख के मस्त हो गए थे. साले दोनों अपने लंड को बहार से ही सहलाने लगे. अजय के साथ जो उसका दोस्त आया था उसका नाम रविन्द्र था और वो हाईट और बोड़ी में एकदम हट्टा कट्टा था. वो दोनों ही बड़े हरामी भी थे. वो लोग लड़ाई झगडा नशा वगेरह सब करते थे. और लड़कियां उनके लिए बस चूत देनेवाली मशीन थी. वो ओग औरत को कोई इज्जत नहीं देते थे.
वो मेरी बहन की गांड को देख रहे थे तभी मैं वहां आ गया. और मैंने उन्हें कहा अरे ये मेरा कमरा नहीं हे, चलो उधर.
अजय बोला, सोरी यार गलती से यहाँ आ गए हम. फिर हम तीनो मेरे रूम में आ गए.
मेरे रूम में एक विंडो हे जहाँ एक छोटा छेद हे. वो छेद से बाथरूम दीखता हे. वैसे मैंने इस छेद का यूज कभी नहीं किया था.
मेरे दिमाग में पता नहीं क्या सुझा मैंने अजय से ही पूछा लिया. मैं बोला, यार तेरे ध्यान में कोई कारपेंटर हे इस विंडो का छेद रिपेर करवाना हे. मैंने अजय को होल दिखाया. उसने पूछा पीछे क्या हैं? मैंने कहा पीछे बाथरूम हे. वो बोला यूज़ करते हो बाथरूम को. मैंने कहा हां!
वो बोला मैं बताऊंगा.
फिर हम वापस बेड की तरफ आ गए. तभी मेरी बहन अंकिता के बाथरूम में घुसने की आवाज आई. मैंने कहा मैं आया 10 मिनिट में.
जैसा मैंने सोचा था वैसे ही हुआ. जैसे ही मैं निकला कुछ ही सेकंड्स में वो दोनों हरामी उस छेद से अन्दर बाथरूम का सिन देखने लगे. दोनों वन बाय वन छेद से अन्दर झाँक रहे थे. मेरी सेक्सी बहन का बदन देख के उनकी आँखे खुली की खुली रह गई थी. अजय रविन्द्र को इशारे इ बता रहा था की मेरी बहन के बूब्स काफी बड़े और सेक्सी हे. अब वो दोनों ने अपने लंड बहार निकाल लिए और उसे हिलाने लगे. अंकिता 15 मिनिट तक बाथरूम में थी और ये दोनों साले तब तक उसे देखते ही रहे और अपने लंड को हिलाते रहे. मुझे ऐसा ही था की बाथरूम में मेरी बहन थी. लेकिन जब मैं ऊपर आया तो देखा बाथरूम में से मम्मी बहार आ रही थी. मैंने अजय और रविन्द्र को अपनी नंगी मम्मी के दर्शन करवा दिए थे!
इसके बाद वो दोनों चले गए. और लगभग रोज मेरे घर आने लगे. सब से थोड़ी जानपहचान भी हो गई थी उन दोनों की. एक दिन अजय ने मुझे बताया की रविन्द्र ने अंकिता को प्रोपोस किया. मैंने कहा क्या बात कर रहा हे? तो अजय ने कहा हां और तेरी बहन ने भी हाँ कह दिया हे. मैं जानता ही था की लड़का हट्टा कट्टा हे इसलिए मेरी बहन अंकिता भी कहाँ से मना करती.
एक दीन मैंने देखा उसको फोन पर बात करते हुए. मैं बस इतना सुन पाया की, ठीक हे पर अजय को बोलो की जय को कुछ न बताये. मैं समझ गया की कुछ तो गडबड हे इन लोगो के बिच में. मैंने अंकिता का पीछा करना चालु किया इस फोन के बाद. वो एक बिल्डिंग की बेसमेंट पार्किंग में घुस गई. वहां पर एक स्कोर्पियो गाडी थी उसके अन्दर जा के वो बैठ गई. मैं अन्दर जाने लगा तो पार्किंग वाले ने मुझे रोक लिया. वो बोला सर कोण सी कार हे आप को बता दो मैं ले के आऊंगा. मैंने कहाँ नहीं मैं ऐसे ही जा रहा हूँ. वो बोला नहीं ऐसे नहीं जा सकते.
मैंने कहा ऐसे क्यूँ भाई, बाकी आगे तो जाने दिया. उसने कहा सर किसी ने मना किया हे. ज्यादा पूछा तो पता चला की रविन्द्र ने ही मना किया था किसी को अन्दर भेजने को और उसने पार्किंग वाले को बोला था की तुझे भी मजे करवाएंगे. मैंने कहा मैं तुझे पैसे देता हूँ तू एक काम कर मुझे ब्लेक शीशे वाले गाडी में बिठा के उस स्कोर्पियो के पास में पार्क कर दे.
थोड़ी देर में वो मान गया. उसने रविन्द्र को कॉल किया सर अभी मत करना बस एक लास्ट कार लगा दूँ. ये कह के वो एक गाडी अन्दर ले गया और मैं उसमे बैठा हुआ था. वो कार उसने ऐसी लगाईं की मुझे सब आराम से दिखाई दे!
अब जो मैंने देखा तो मैं हक्का बक्का रह गया. उस दिन अंकिता ने स्यूट पहना हुआ था. मैंने देखा की अजय ने अंकिता की सलवार पकड़ी और उसे निचे खिंच ली. अंकिता की पेंटी दिखने लगी. अंकिता का सर अजय की गोदी में था और पैर रविन्द्र की गोदी में.
रविन्द्र हाथ आगे कर के उसकी चुन्चिया दबा रहा था बहार से. धीरे धीरे कर के अंकिता भी एकदम गर्म हो गई. यहाँ से बहार से ही अजय उसकी चूत में ऊँगली भी कर रहा था. अब दोनों ने अपने बड़े लंड को बहार निकाल दिए.
अजय ने अंकिता को पूरा नंगा कर दिया. उसके दोस्त रविन्द्र ने भी देर न की और ऊपर से अंकिता के बाकी के कपडे उतार फेंके. क्या मस्त बूब्स थे मेरी बहन के! पिंक निपल्स और गोल खड़े बूब्स! अब अंकिता बैठ गई और वो रविन्द्र का लंड चूसने लग गई. और अजय ने अपना लंड मेरी बहन को हाथ में पकडवा दिया जिसे वो हिलाने लगी. इसके बाद उसने कुछ देर में अजय का लंड भी अपने मुहं में ले लिया और रविन्द्र के लंड को हला दिया. अब दोनों ही अंकिता की चूत चुदाई के लिए उत्सुक थे. रविन्द्र ने बोला तू बहार खड़ा हो पहले मैं इस रंडी की चूत मारूंगा.
अजय बिना कुछ कहे बहार आ खड़ा हुआ. रविन्द्र अंकिता के ऊपर चढ़ा तो ऐसे लगा की कोई राक्षश किसी बची की चूत मार रहा हो. अब उसने अपना लंड मेरी बहन की चूत में घुसाया और जो झटके मारे! अंकिता के मुहं से दर्दभरी आवाजें निकल रही थी. आह अह्ह्ह ओह्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह्हह. लेकिन रविन्द्र ने कोई दया नहीं दिखाई. वो अपने हाथ से बूब्स को नोंच रहा था और अपनी गांड को हिला हिला के चूत को पेल रहा था. उसने 10 मिनिट तक मेरी बहन को चोदा. और फिर वो खड़ा हो के बहार आ गया.
अब अजय की चोदने की बारी आई. अजय के दोस्त रविन्द्र ने उसे कहा, तू चोद ले उसे. मैं पार्किंग वाले को बुला के आता हु वो भी चोदेगा इसे. अंकिता ने कहा, अरे बाबा उसे क्यूँ? तो रविन्द्र ने कहा अरे तभी तो उसने अंदर सेक्स के लिए घुसने दिया. ऊपर ऊपर से मजे कर लेने देना उसे भी यार. उसने फिर अजय से कहा मैं ऊपर हूँ तू इसकी मार के घर आ जाना.
अजय कार में घुसा और अंकिता के होंठो से अपने होंठो को लगा दिया. वो किस करते हुए अंकिता के बूब्स मसलने लगा. अजय इतना भद्दा दिख रहा था. पता नहीं मेरी बहन कैसे इस कलूटे और मोटे के साथ सेक्स कर सकती थी! अजय ने अंकिता को कार की सिट पकड के बिठा दिया. और वो खुद निचे लेट गया. अंकिता अपनी चूत खोल के उसके लंड पर जैसे ही बैठी उसके मुहं से आह निकल गई. अजय का लंड बड़ा मोटा था! और वो लम्बाई में भी बड़ा था रविन्द्र से. अजय ने जो जम के चुदाई की मेरी बहन की! साला पूरी गाडी को हला रहा था अपनी चुदाई के झटको से!
कुछ देर ऐसे ही जम के चोदने के बाद वो झड़ गया. और वो अंकिता के उपर ही लेट गया. थोड़ी देर में उठा और बोला, मैं पार्किंग वाले को भेजता हूँ. थोड़ी देर में पार्किंग वाला आ गया. तब तक अंकिता ने कपडे पहन लिए थे और वो कार के सहारे खड़ी हुई थी.
पार्किंग वाला आया तो अंकिता ने उसके पेंट की चेन खोली. और उसके लंड को बहार निकाल के हिलाने लगी. उसको जोश चढ़ने लगा था और वो पास आया. अंकिता बोली, दूर खड़े रहो तुम.
लेकिन पार्किंग वाले ने मेरी बहन का स्मूच ले लिया. और बूब्स भी दबा दिए. मेरी बहन फिर से गर्म हो गई.
अंकिता को उसने उल्टा कर के कपडे ऊपर किये. अंकिता बोली अरे नहीं. लेकिन उसने एक भी नहीं सुनी मेरी बहन की. उसने अंकिता को डौगी स्टाइल में ही खड़े हुए चोदा और अपना बड़ा लंड चूत की गहराई में ही डाल दिया. वो 1 मिनिट के झटको में ही लुढक गया.
अंकिता रोते हुए बोली, साले कमीने मना किया था न तुझे चोदने के लिए!
वो लंड पेंट में घुसेडते हुए बोला, मेडम आने के टाइम तो सीधे सीधे आ गई थी. और चूत एने के वखत इतनी मच मच!
अंकिता बोली, चल भाग.
वो लड़का बोला, तू भाग साली रंडी कहीं की, छनाल, वेश्या! साली पैसे ले के धंधा करती हे!
सच में अजय और रविन्द्र ने होटल के पैसे बचाने के चक्कर में मेरी बहन को एक रंडी ही बना दिया था!!!!
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