भरपूर जवानी को बर्दास्त नहीं कर पाई और छोटे भाई से ही चुदवाने लगी

हेलो दोस्तों, तो लो आज मैं अपनी कहानी आप लोगो को शेयर कर रही हु, क्यों की मैं भी आप लोगो की कहानियों को पढ़कर खूब मजे लिए, तो आज मेरी बारी है की मेरी कहानी का भी आपलोग मजा ले, मैं भी आपकी तरह ही रोज नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के रेगुलर पाठक हु, ऐसा एक दिन भी नहीं जाता की मैं इस वेबसाइट को ओपन किये बिना सो जाती हु, मैं तो आजकल रजाई के अंदर ही मजे से मोबाइल पे कहानी पढ़ लेती हु, सिर्फ sexkhani.com और गो फिर क्या आप लोगो की कहानी पढ़कर मजे लेते रहती हु.

मेरी उम्र 28 साल है, पढ़ी लिखी हु, सुन्दर हूँ और बैंक में जॉब करती हु, बहुत ही हॉट हु, 36 साइज की ब्रा पहनती हु, गोरा बदन है, मखमली शरीर, पर बहुत ही शर्मीली हु, मैंने आजतक किसी को भी बॉय फ्रेंड नहीं बनाई, क्यों की मुझे समाज का बहुत ही डर था, और पापा मम्मी की इज्जत का सवाल भी था, लड़के छेड़ते भी नहीं थे, क्यों की मेरे पापा पुलिस अफसर है, इस वजह से कोई ज्यादा तंग भी नहीं किया, पर जवानी एक ऐसी आंधी है जिसमे अच्छे अच्छे उड़ जाते है. मैं अब अपनी कहानी पे आती हु,

मैं जब २२ साल की हुई तब से मुझे सेक्स करने की काफी इच्छा होने लगी, पर मैं इस चीज को पूरा नहीं कर सकती क्यों की मेरी शादी नहीं हुई थी और मेरा कोई ऐसा फ्रेंड्स भी नहीं था जिससे मैं सेक्स कर सकती थी, मैं सिर्फ इंटरनेट पे कहानी पढ़कर, क्लिप देखकर ही काम चलाती थी, पर जब मेरे शरीर की वासना भड़क रही थी तब मैं लाचार हो जाती थी और तकिये को अपने चूत के पास लगा के सो जाती थी, करती भी क्या कोई चारा भी नहीं था, अपनी भावनाओ को दबाते रही यही सिलसिला बरसो तक चलता रहा, अब मेरे लिए लड़का ढूंढने के लिए माँ पापा अकसर जाया करते थे, क्यों की मैं अठाईस साल की हो भी गई हु, शादी बहुत ही जरूरी काम उन दोनों के लिए हो गया है.

मेरे से एक छोटा भाई है जो की २१ साल का है, हम दोनों में काफी अच्छी बनती है, अपनी बात एक दूसरे को शेयर करते है, एक दिन की बात है पापा और मम्मी दोनों बाहर गए थे दो दिन के लिए, हम घर तो दोनों भाई बहन ही थे, उस दिन मैंने एक ऐसी ही कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ ली जो मेरे बर्दास्त के बाहर हो गया और मैं सोच ली की जब शादी होगी सो होगी आज मैं एक प्लान बनाती हु जिससे की मेरा छोटा भाई ही मेरे साथ सेक्स सम्बन्ध बना ले, मेरी जवानी भरपूर थी, चूचियाँ तनी हुई रहती थी, मेरा चूतड़ गोल गोल मटकते रहता था, मैं प्लान किया शाम को की कैसे आज मैं अपने भाई को सेक्स के लिए मजबूर करूँ..

मेरा भाई शाम को जिम चला गया और मैं खुले छत पे टहलने लगी और आईडिया की तलास करने लगी की क्या करूँ क्या करूँ, मेरे दिमाग में एक आईडिया आया, तभी बेल बजी मेरा भाई जिम से वापस आ गया था, वो तौलिया ले के नहाने चला गया, और मैं खाना बनाने चली गई, रात को नौ बन गए थे, मैं और मेरा भाई दोनों खाना खाए तभी माँ पापा का फ़ोन आ गया और बात चित होने लगी, हम दोनों ने कह दिया की कोई दिक्कत नहीं है खाना हम दोनों खा रहे है, फिर पापा बोले की हम दोनों परसो आयेगे और गुड नाईट बोल के फ़ोन काट दिया.





हम दोनों टीवी देखने लगे, बिग बॉस, पर मेरी धड़कन तेज हो रही थी सोच रही थी की क्या होगा, अगर ये बात माँ पापा को पता चल गया तो या तो मेरा भाई मुझे चोदने से मना कर दिया तो क्या करुँगी? यही सब सोच रही थी कभी तो लग रहा था ठीक है कभी लग रहा था जिसको मैं राखी बांधती हु और उसके साथ सेक्स सम्बन्ध अच्छा नहीं होगा, पर ये सब सोच सोच कर डर के साथ साथ मेरी वासना भी भड़क उठी, मेरी चूत गीली हो गई थी और साँसे तेज हो गई थी, मैंने सोच लिया चुदुंगी आज चाहे जो हो जाये,

मैंने नाटक किया, भाई मेरा मन ठीक नहीं लग रहा था, भाई मैं अच्छी महसूस नहीं कर रही हु, बहुत घबराहट हो रही है, अचानक मैं ये सब बात बोलने लगी और कहने लगी मेरे सीने में दर्द होने लगा है, आअह आअह, मेरा छोटा भाई घबरा गया, बोला दीदी चलो हॉस्पिटल चलो, पर आप को भी पता है मुझे क्या हुआ था, मैंने कहा नहीं नहीं मैं जा नहीं पाऊँगी, आह आअह आअह और मैं बैडरूम में चली गई वो भागता हुआ आया और मेरे पास बैठ गया, और हाथ पकड़ लिया और पूछने लगा दीदी बताओ कैसा लग रहा है, मैंने कहने लगी सांस लेने में दिक्कत हो रही है, मैंने उसको इसारे से कहा मेरी छाती को दबाओ,

वो मेरी छाती को दबाने लगा, मेरी बड़ी बड़ी चूचियाँ को दबाने लगा, मैंने कहा हां ठीक लग रहा है वो मेरी छाती को दबा रहा था, मैं नाईटी पहनी थी ब्रा पहले ही खोल चुकी थी, मेरी चूची को वो दबा रहा था, और कह रहा था बोलो दीदी कैसा लग रहा है, मैं कह रही थी ठीक लग रहा है, दबाते रहो, वो दबाता रहा, फिर मैंने कहा दिपु ऐसे नहीं होगा बाम ले आओ आलमारी से, वो दौड़कर गया और बाॅम लेके आ गया, मैंने कहा देख भाई तू ही घर में है, मम्मी रहती तो वो मालिश कर देती, पर मैं तुम्हारी बहन हु, क्या तुम बाम मेरे सीने पे लगा दोगे, तो वो बोला दीदी अगर आपको बुरा नहीं लगे तो मैं बिलकुल लगा दूंगा, इस वक्त कर भी क्या सकते है.

वो बाम हाथ में लेके नीति के गले से ही हाथ अंदर डाल के मेरे छाती पे या तो यूं कहिये की वो मेरी चुचिओं पे बाम लगाने लगा पर वो पुरे छाती पे कैसे लगाता हाथ सही से घुस नहीं रहा था अंदर उसके बाद मैंने कहा कोई बात नहीं दिपु, मैं नीति खोल देती हु, और मैंने नाईटी खोल दी बस पेंटी में थी, मेरा गदराया हुआ बदन देखकर वो ऊपर से निचे तक मेरे शरीर को देखने लगा, और मैंने कहा लगा दे बाम ऑव वो बाम लगाने लगा, मैं उससे देख रही थी और वो मुझे देख रहा था, धीरे धीरे मैं नार्मल हो गई, मेरी चूत तो पानी पानी हो गया था, जब मैं अपने भाई के पेंट के तरफ देखि तो उसका लैंड खड़ा हो रहा था पर वो छुपाने की कोशिश कर रहा था, मैं समझ गई, मैंने अपना पैर अलग अलग कर दिया, वो मेरे पेंटी के तरफ देखा और फिर मुझे देखा, मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और कहा भाई शर्म मत कर, आज तो तूने मेरा सब कुछ देख लिया, और मैं ये भी देख रही हु तेरा प्राइवेट पार्ट कैसे खड़ा हो गया है, अगर तुझे प्यार करना है तो कर ले आज मैं कुछ भी नहीं बोलूंगी. तो दिपु ने कहा नहीं दीदी अगर ये बात माँ पापा को पता चल गया था वो हम दोनों को गोली मार देंगे.

मैंने कहा आज मौक़ा है यहाँ है नहीं और उनको कहेगा कौन, रात को बारह बज रहे है, और मैंने उसको खीच लिया उसकी गरम गरम साँसे मेरे होठ के पास चलने लगा, मैंने उसके होठ को निहार रही थी, वो भी मेरे होठ को निहार रहा था और धीरे धीरे एक दूसरे के होठ चिपक गए, हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे, वो मेरी चूचियों को सहलाने लगा, मैंने अपना पैर एक दूसरे पैर से रगड़ने लगी, मेरी साँसे तेज तेज चलने लगी, मैंने अपने भाई का पेंट खोल दिया और उसका लंड हाथ में पकड़ ली, मोटा लंड, लंबा काला सा, ओह्ह्ह क्या बताऊँ क्या एहसास था, मैंने कहा दिपु तुम तो जवान हो गया है, कितना मोटा लंड और काले काले झांट है तेरे, वो फिर मेरे पेंटी में हाथ डाल दिया और बोला दीदी आपके भी झांट तो बड़े बड़े हो रहे है और ये क्या आपकी चूत तो पूरी गीली हो चुकी है,

और मेरे दोनों हाथ को ऊपर कर दिया, और कहा दीदी मुझे काँख का बाल चाटने में बहुत अच्छा लगता है, मेरी एक गर्ल फ्रेंड है उसका मैं चोदने के पहले मैं कांख के बाल को चाटता हु, तो मैंने कहा मैं कहा मना कर रही हु मेरे राजा आज तुम्हे जो करना है कर लो आज तू आजाद बही आज मैं नहीं रोक रही हु, तुम्हे जो करना है कर ले, आज तू मुझे बहन नहीं मान आज तू मुझे अपनी गर्ल फ्रेंड या तो अपनी बीवी या तो अपनी रखैल समझ ले, और कर दे जो करना है तुम्हे, और वो मेरी पेंटी उतार के मेरे दोनों पैरो के बीच बैठ गया, और मेरी चूत को दोनों ऊँगली से अलग कर के अंदर देखने लगा, और बोला दीदी आप तो वर्जिन हो, आप तो आज तक चुदी नहीं हो, तो मैंने कहा हां दिपु आज तक मैं चुदी नहीं हु पर अब बर्दास्त के बाहर हो रहा है, मेरी जवानी अब चुदाई चाहती है, मैं चुदना चाहती हु, आज तो मुझे खूब चोद,

वो अपना मोटा लंड मेरे चूत के छेद के बीचो बीच रखा और घुसाने लगा मुझे दर्द होने लगा पर अंदर अजब की एहसास थी और गुदगुदी भी थी, मैंने उसके छाती के बाल को सहला रही थी तभी वो जोर से एक झटका दे दिया, और उसका आठ इंच का लंड आधा मेरे चूत में चला गया, मेरे मुह से आह की आवाज निकल पड़ी और आँशु भी वो थोड़ा रुका मेरे चूच को सहलाया और फिर एक झटका दो इंच फिर गया मुइझे तेज का दर्द होने लगा, पर मैं सहती रही और एक झटका फिर दिया और लंड पूरा मेरे चूत में डाल दिया, फिर वो धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा,

क्या बताऊँ दोस्तों दर्द कहा गया पता ही नहीं चला अब तो मेरी चूत इतनी फिसलन हो गई की उसका लंड आ जा रहा है और मैं गांड उठा उठा के बस फ़क मी फ़क मी और जोर से और जोर से, आआअह आआह उफ्फ्फ्फ्फ़ आआह हाय हाय हाय उफ्फ्फ उफ्फ्फ आउच आउच की आवाज निकाल रही थी और वो भी बोल रहा था तू बहन नहीं रंडी है, आअह आआह आआह आआअह उफ्फ्फ्फ़ उफ्फ्फ्फ्फ़ वो मेरी चूचियों को मसल रहा था, और चोद रहा था, जोर जोर से झटके दे रहा था, मैं दो बार झड़ चुकी थी मेरे चूत से सफ़ेद सफ़ेद कुछ क्रीम सा निकलने लगा, और फिर थोड़े देर बाद मेरा भाई भी एक लम्बी सांस लेके झड़ गया,

दोनों फिर एक दूसरे को पकड़ के सो गए, थोड़ी देर बाद वो फिर अंगूर लेके आया और मेरे शरीर के हरेक जगह एक एक अंगूर रखता और वह किश कर के खाता फिर वो चॉकलेट लगा दिया मेरे चूत पे और चूची पे फिर वो चाटा, इस तरह से एक एक घंटे के अंतराल में रात भर हम दोनों एक दूसरे को संतुष्ट करते रहे, अब मेरी शादी अगले महीने है, पर ये मजा लेने से नहीं चुकती हु, रोज रोज हम दोनों एक दूसरे की वासना की आग को शांत कर रहे है.

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2 Responses

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  2. Doctiplus says:

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