मंत्री ने मेरी बहन की बुर चोदी तो मैंने उसकी लड़की चोदकर हिसाब बराबर किया

Bahan ki Chudai : हेलो दोस्तों, मैं लल्लन आप सभी का sex kahani  में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से नॉन वेज स्टोरी का नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ता हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है।

मेरा घर पटना शहर में पड़ता है। हमारे शहर का विधायक पंडित सिंह बहुत ही क्रूर और तानाशाह आदमी था। चुनाव में वो सभी वोटर्स को डरा धमकाकर वोट पड़वा लेता था. शहर में सब उससे डरते थे. वो जब दिल करता शहर की किसी भी लड़की को अपने बंगले पर उठा ले जाता था फिर उसकी खूब चूत मारता था। सब लोग उससे बहुत डरे हुए रहते थे। ये बात जो मैं आपको बता रहा हूँ कुछ साल पहले की है। एक दिन मेरी जवान और खूबसूरत बहन कोमल किसी काम से विधायक पंडित सिंह के पास गयी थी। श्याद उसका कॉलेज का वजीफा[ छात्रवृति] नहीं आया था इसलिए वो वहाँ गयी थी। जैसे ही पंडित सिंह ने उसे देखा तो उसकी नियत खराब हो गयी। वो मेरी जवान बहन को अंदर ले गया और जबरन उसका बलात्कार उसने कर दिया। इतना ही नही पंडित सिंह के आदमियों ने भी मेरी बहन को खूब चोदा। खूब उसकी चूत बजाई और 4 दिनों तक वो उसकी इज्जत लूटता ही रहा। ये बात जब हमारे घर वालो को पता चली तो हमारी पुरे शहर में बहुत बेइज्जती हुई। मैं अपने घर वालो के साथ पुलिस में रिपोर्ट लिखाने गया तो हमारी रिपोर्ट भी नही लिखी गयी। क्यूंकि पूरे शहर में पंडित सिंह की तूती बोलती थी।

उसने कई मर्डर कर रखे थे। जो लोग उससे दुश्मनी लेते थे उनको अपनी जान से हाथ धोना पड़ता था। जब मैं अपने घर वालो के साथ पंडित सिंह के पास गया तो वो मुझे देखकर हंसने लगा। उसने 50 हजार की एक गड्डी मेरी तरह फेकी।

“लो इसे रख लो!! इतने पैसे तो तुम्हारी बहन कोठे पर १ महीने चुदवाकर भी नही कमा पाती!!” विधायक पंडित सिंह बोला

“कमीने!! मैं तेरा खून पी लूँगा!! मैंने कहा और उसकी तरफ मैं लपका तो उसके पालतू कुत्तो [चमचो] ने मुझे पकड़ लिया और बहुत पीटा। थकहार पर उस पर कोई कार्यवाही नही हुई और हम लोगो को घर लौटना पड़ा। मेरी बहन की हालत उन लोगो ने बिगाड़ दी। बेचारी को बहुत चोदा था उस कमीने ने। मैंने मन ही मन सोच लिया था की एक दिन मैं उससे बदला जरुर लूँगा। इस तरह 8 साल गुजर गये। बाहुबली विधायक पंडित सिंह की सगी लड़की स्वीटी अब बड़ी और जवान हो गयी। मैं उसके चक्कर काटने लगा। पर स्वीटी तो हमेशा कार से चलती थी। वो कोई आम घर की मामूली लड़की तो थी नही। मैं उसे पटाकर कसके चोदना चाहता था। पर उसके पास जाने का कोई बहाना नहीं मिल रहा था। मैंने हार नही मानी और स्वीटी के चक्कर काटने लगा। मैं उसके घर के पास के एक ड्राइविंग स्कूल में काम करने लगा था। मैं लोगो को कार चलाना सिखाता था।

किस्मत से कुछ दिन बाद पंडित सिंह की लड़की स्वीटी मेरे ही स्कूल में ड्राइविंग सीखने आई और मेरे बोस ने मुझे ही उसे कार सिखाने को कह दिया। धीरे धीरे मेरी उससे दोस्ती हो गयी। मैं उसे रोज सुबह 10 से 11 कार चलाने ली ट्रेनिंग देने लगा। धीरे धीरे मैंने उसे पटा दिया। उस दिन मेरे ड्राइविंग स्कूल में कोई नही था। मैंने स्वीटी को कई बार आई लव यू!! आई लव यू!!! बोल दिया। जब 11 बजे तो मैं स्वीटी को लेकर ड्राइविंग स्कूल में पंहुचा और उसे अंदर बुला लिया। स्वीटी को प्यास लगी थी। मैंने फ्रिज से एक चिल्ड बोतल पानी लाकर दिया। स्वीटी पानी पीने लगी तो कुछ पानी उसकी चुस्त टी शर्ट पर गिर गया। उसकी टी शर्ट भीग गये और चुस्त मम्मे दिखने लगी। मैंने स्वीटी को किस कर लिया और धीरे धीरे वो भी मुझे किस करने लगी। फिर धीरे धीरे हम लोगो का ठुकाई का मन करने लगा।

“स्वीटी जान!! चलो आज नया कुछ करते है???” मैंने कहा

थोडा इनकार के बाद वो चुदने को तैयार हो गयी। मेरे ड्राइविंग स्कूल में मेरे बोस का एक अच्छा सा कमरा बना हुआ था। उसमे एक मस्त बेड पड़ा था और ए सी भी लगा हुआ था। मैंने ए सी ऑन कर ली और पंडित सिंह की लड़की स्वीटी को लेकर मैंने बेड पर लेट गया। हम दोनों आपस में किस करने लगे। स्वीटी काफी सेक्सी और खूबसूरत जिस्म वाली लड़की थी। उसका फिगर 34 26 28 का था। वो बिलकुल अपनी माँ पर गयी थी और बहुत खूबसूरत माल थी। हम दोनों ने एक दूसरे को बाहों में भर लिया और किस करने लगे। धीरे धीरे मैंने उसकी टी शर्ट निकाल दी। स्वीटी कभी सलवार सूट नही पहनती थी। क्यूंकि वो आज के नये जमाने की थी और उसे टी शर्ट, टॉप, और जींस पहनना ही उसे खास तौर से पसंद था। उसने स्कूटी चलाना तो बहुत पहले ही सीख ली थी। अब वो मुझसे कार चलाना सीख रही थी। कुछ देर तक हम दोनों आपस में किस करते रहे।

“लल्लन!! पापा को हमारी चुदाई काण्ड के बारे में तो कुछ नही पता चलेगा????” स्वीटी मुझसे पूछने लगी।

“नही जान!! भरोसा रखो!!” मैंने कहा

उसके बाद मैंने स्वीटी की टी शर्ट उतार दी और उसे किस करने लगा। मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी। मैंने अपना मोबाइल कैमरा चुपके से ऑन कर दिया और एक अलमारी में सेट कर दिया। मैं पंडित सिंह को ये चुदाई वाला विडियो दिखाना चाहता था। जिससे मैं उससे बदला ले सकूं और वो कमीना इसे देख देखकर तडप तडप कर मर जाए। दोस्तों मैं ऐसा ही चाहता था। मैं स्वीटी के पास आकर लेट गया और उसके नंगे मम्मे मैं दबाने लगा। उफ्फ्फ्फ़ !! स्वीटी कितनी मस्त माल थी। मैंने स्वीटी को मोबाइल कैमरे के सामने ही लिटाया था जिससे सब कुछ रिकॉर्ड हो जाए और पिक्चर बन जाए। फिर मैने स्वीटी की नीली रंग की जींस भी निकाल दी और उसकी पेंटी भी निकाल दी। फिर मैं खुद भी नंगा हो गया था। उफ्फ्फ्फ़!! कितनी मस्त माल थी स्वीटी। उसका जिस्म तो किसी नगीने से कम नही था। मैंने उसके दूध को हलके हाथों से दबाना शुरू कर दिया था। स्वीटी  “उ उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ अहह्ह्ह्हह सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की आवाज निकालने लगी।

वो बहुत खूबसूरत लड़की थी। और उससे भी बड़ी बात थी की वो मेरे जानी दुश्मन पंडित सिंह की लड़की थी। इसलिए वो मेरे लिए बहुत जरूरी थी। मैं मजे लेकर उसके मम्मे दबाने लगा और और स्वीटी सिसकने लगी। उनके नंगे टाईट जिस्म को देखकर मैं पागल हो रहा था और मेरा लंड भी अब पूरी तरह से खड़ा हो गया था। स्वीटी अभी 23 साल की जवान लड़की थी और अभी वो चुदी भी नही थी। मैं ही उसका पहला बॉयफ्रेंड बना था। मैंने धीरे धीरे उसके बूब्स दबा रहा था और फिर मुंह में भरके मैं पीने लगा था। स्वीटी की चूचियां बहुत टाईट थी और निपल्स के चारो को बड़े बड़े काले गोल छल्ले थे जो बहुत ही सेक्सी लग रहे थे। फिर मैं तेज तेज उसके मम्मे पीने लगा था। उसकी कसी चूचियां तो नारियल जैसे आकार की थी। मुझे अब सेक्स और वासना का नशा पूरी तरह से चढ़ गया था। मैं उसकी चूचियों को अब मुंह में भरके पी रहा था।

मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। स्वीटी का जिस्म बहुत मस्त था। चूचियों तो बहुत ठोस थी। वो अभी कुवारी थी और एक बार भी नही चुदी थी। मैंने उसकी छलकती चूचियों को जल्दी जल्दी चूसे जा रहा था। वो बहुत सेक्सी लड़की थी। उसकी चूचियां बहुत ही रसीली और नशीली थी। मैं जल्दी जल्दी स्वीटी के आम चूसने लगा। मैंने कई बार चट चट उसकी चूचियों पर चांटे भी मार दिये। फिर हाथ से तेज तेज उसके आम दबाने लगा। स्वीटी “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” की आवाजे निकाल रही थी। वो बार बार अपना मुंह खोल देती थी। उसे भी बहुत सेक्सी महसूस हो रहा था। मैंने काफी देर तक उसकी चूचियों को दबाया और मुंह में लेकर चूसा।

फिर मैं उसके पेट को चूमने लगा। दोस्तों स्वीटी बहुत गोरी थी। उसका बदन काफी छरहरा था। उसके मम्मो के बीच से क्लीवेज वाली लाइन नीचे की तरफ आती थी और सीधा उसकी सेक्सी नाभि तक जाती थी। स्वीटी की एक एक पसली को मैं देख सकता था। उसक पेट अंदर ही तरह धंसा हुआ था और काफी सेक्सी था। धंसे हुए पेट में नीचे की तरह उसकी सेक्सी नाभि थी और फिर उसके नीचे उसकी चूत थी। मैंने लेट गया था और उसकी पतली छरहरी कमर को सहला रहा था। मैंने धीरे धीरे स्वीटी के क्लीवेज की किस करता हुआ नीचे आ गया और उसके पेट को मैं चूम और पी रहा था। मेरे हाथ स्वीटी की नंगी कमर को सहला रहे थे। फिर मैं उसकी सेक्सी नाभि पर पहुँच गया था। अब मैं उसमे अपनी जीभ डाल रहा था। स्वीटी बार बार अपनी गांड हवा में उठा देती थी। “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की आवाज वो निकाल रही थी जब मैं उसकी नाभि को पी रहा था। बड़ी देर तक मैंने खूब मजा लिया। फिर उसकी चूत पर मैं पहुच गया था।

अब मैं जल्दी जल्दी उसकी चूत पीने लगा। मेरी नजर स्वीटी के नंगे जिस्म पर पड़ी। १ जोड़ी सुंदर पाँव और उनकी गोल मटोल १० उँगलियाँ, मेरा तो माथा ही घूम गया। मैंने सब कुछ छोड़ के उसके खूबसूरत पावों को चूम लिया। उनकी टाँगे बड़ी की चिकनी, चमकदार और गोरी थी। मैंने उसकी दोनों टांगों को बारी बारी कई बार चूमा। स्वीटी मुझे रोकने लगी, मैं चूत का भूखा कहाँ रुकने वाला था। हम दोनों बिस्तर पर गुत्थम गुत्था होने लगे। वो बहुत शरमा रही थी। मुझे उसका इस तरह से लाज करना बहुत पसंद था। जो लौंडिया शर्माती नही है, दोस्तों उसकी चूत मारने में जरा भी मजा नही आता है। उपर से वो मेरे जानी दुश्मन पंडित सिंह की लड़की थी इसलिए आज मैं उसे कसके पेलना और चोदना चाहता था। मैंने स्वीटी की बुर को एक बार झुककर चूम लिया तो उसके होश उड़ गए। वो शर्म से गड़ी जा रही थी। बड़ी मुश्किल से उसने अपने दोनों हाथ चूत पर से हटाये और मुझे घुटने तक पहुचने दिया। उसके घुटने भी दुधिया गोरे रंग के थे। मैंने कुछ देर उसके रूप को निहारा और फिर दोनों घुटनों को चूम लिया। स्वीटी की चूत की खुशबू मेरी नाक के नथुनों में आने लगी। “उफ्फ्फफ्फ्फ़….इसी रसीली बुर!!”  जब टांगे, टखने, पैर इतने खूबसूरत है तो इन सब अंगों की रानी स्वीटी की चूत कैसी होगी?? मैं मन ही मन सोचने लगा। स्वीटी की मस्त गदराई जांघो के दर्शन हुए तो लगा की खुदा मिलने वाला है। उसकी जांघे खूब गोल गोल मांसल गदराई हुई थी। उसका सौंदर्य अभूतपूर्व था। भगवान से मेरी माल को बड़ी फुर्सत में बैठकर बनाया था।

मैं लेट कर अब उसकी चूत पीने लगा। मैंने कुछ देर तक पंडित सिंह की लौंडिया की चूत पी फिर चूत में अपना हाथ अंदर डाल दिया और जल्दी जल्दी मैं चलाने लगा। स्वीटी “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्हह्ह….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” की आवाज निकाल रही थी। मैं जल्दी जल्दी अपना हाथ अंदर बाहर चलाने लगा। स्वीटी तड़पने लगी और सिसकने लगी। मुझे उसकी चुदास बहुत अच्छी लग रही थी। मैं और तेज तेज उसकी चूत में ऊँगली कर रहा था। स्वीटी मेरा हाथ रोकने की कोशिश कर रही थी। पर मैं कहाँ रुकने वाला था। फिर मैंने लेट गया और उसके चूत के दाने को जल्दी जल्दी किसी चुदासे कुत्ते की तरह चाटने लगा। स्वीटी टी लम्बी लम्बी आहे लेने लगी। मैं चूत में एक तरफ जल्दी जल्दी उंगली करने लगा तो दूसरी तरह चूत के दाने को चाटने लगा। स्वीटी तो मारे जोश के अब पागल हो रही थी। मैंने अपनी ऊँगली उसकी चूत से निकाल ली। मेरी ऊँगली में उसका सारा माल लग गया था। मैं उसे चाट मुंह में लगाकर सब चाट गया। कुछ देर बाद मैंने फिर से उसकी चूत में ऊँगली डाल दी और जल्दी जल्दी चलाने लगा। कुछ देर बाद स्वीटी ने अपनी चुद्दी का पानी छोड़ दिया। झर्र झर्र 8 10 बार उसकी चूत से पानी निकाल और मेरा चेहरा उसके पानी से भीग गया। स्वीटी सेक्स के नशे में पागल हो चुकी थी।

फिर मैंने उसके पैर खोल दिए और लंड चूत में डाल दिया। मैं जल्दी जल्दी उसे चोदने लगा। स्वीटी जल्दी जल्दी चुद रही थी। मुझे बड़ा संतोष मिल रहा था। क्यूंकि उस हराम के पिल्ले पंडित सिंह ने इसी तरह मेरी बहन की चूत मारी थी। आज मैंने उससे अपना बदला ले लिया था। मैं बहुत खुश था। मैंने स्वीटी को आधे घंटे जमकर चोदा और उसकी चूत बजा दी। वो चुद गयी। मैंने मोबाइल में उसकी ठुकाई रिकॉर्ड कर ली। मैंने स्वीटी को कायदे से चोद लिया था और चुदाई की विडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली थी। उसे ये बात नही पता चली। वो अपने घर चली गयी थी। मैंने कई फोन में उसकी चुदाई वाली विडियो डाल दी। मैंने अपने कई दोस्तों को ये विडियो भेज दिया। उन्होंने पूरे पटना शहर में स्वीटी की चुदाई वाला विडियो भेज दिया। कुछ ही देर में सब जगह विडियो वाइरल हो गया था। फोन लेकर मैं सीधा उस कमीने पंडित सिंह के पास गया। वो मुझे पहचान नही पाया और भूल गया था। मैंने उसे बहाने से वो विडियो दिखाई। अपनी जवानी और चुदासी लड़की स्वीटी को देखकर बाहुबली विधायक पंडित सिंह के तोते उड़ गये।

“ये ये….ये सब क्या है????” उसने मेरी तरफ अचम्भित होकर पूछा

“बहनचोद!! पंडित!! भूल गया। तूने आज से 8 साल पहले मेरी बहन कोमल को उठा लिया था और अपने बंगले पर लाकर उसकी कसके चूत मारी थी। आज मैंने तेरी बेटी की चूत चोदकर तुझसे अपना हिसाब बराबर कर लिया है!!” मैंने हँसते हुए कहा। उसके बाद पंडित सिंह से मेरा फोन जमीन पर दे मारा और फोड़ दिया।

“पंडित सिंह अब कोई फायदा नही है!! क्यूंकि अब तक ये विडियो पुरे पटना शहर में वाइरल हो चुका है!!” मैंने कहा।

मेरी बात सुनकर तो पंडित सिंह का खून ही खौल गया था। उसने दौडकर मेरी शर्ट का कॉलर पकड़ लिया था और उसके आदमी भी मुझ पर टूट पड़े। उन्होंने मुझे खूब मारा। पर मैं बार बार हंसता ही जा रहा था। क्यूंकि मेरा बदला उस कमीने से अब पूरा हो चुका था। उसके बाद बाहुबली विधायक पंडित सिंह ने अपनी लड़की स्वीटी की शादी दिल्ली में कर दी। कहानी आपको कैसे लगी ?

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2 Responses

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