लेस्बियन कजिन को रँगे हाथ पकड़ा

हाय ! मेरा नाम सलार है और में कराची में रहता हु. मेरी उम्र २४ साल है में ग्रेजुएट हु. मेरी हाइट ५.९ इंच और लंड ९ इंच लम्बा और २.५ इंच मोटा है. में जो कहानी आज सुनने जा रहा हु वो बिलकुल सच है.

अब में स्टोरी पे अत हु ये आज से २ हफ्ते पहले कि बात है मेरे घरवाले शादी के सिलसिले में दुबई गए हुए थे अपनी पढाई कि वजह से में नहीं गया. और इसी वजह से मेरी २ कजिन असीफा और तूबा भी नहीं गयी.

सो वो दोनों मेरे घर आ गयी रहने के लिए. हम तीनो बचपन से हे बहुत आचे दोस्त है. और बहुत जादा फ्रैंक है. असीफा कि उम्र २२ और तूबा २३ साल कि है. असीफा का फिगर ३२ २८ ३६ है जब कि तूबा का ३४ ३० ३४ है दोनों हे बहुत हॉट है.

एक रात हम लोगो का प्रोग्राम बना फिल देखने का. हम तीनो हे इमरान के फेन है सो हम ऊँगली फिल्म देखने गए रत ९ से १२ का शो था हम लोगो ने फिल्म एन्जॉय कि और डिनर कर के तकरीबन २ बजे घर आ गए.

असीफा और तूबा अपने रूम में चली गई और में अपने रूम ने आ गया. में थक गया था इसलिए शावर लेने चला गया.

में फ्रेश हो के आया तो ३ बज रहे थे और मुझे नींद नहीं आ रही थी सो मैंने काफी बनाने कित्चें में चला गया. मुझे ख्याल आया टाइम जयादा हो गया.

उन दोनों कि भी नींद न खुल जाये इस ख्याल के साथ में उनके रूम के गेट तक पंहुचा तो अन्दर से सिसकियो कि आवाज़ आ रही थी. मेने विंडो से झांक के देखा तो मुझे अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ वो दोनों पूरी नंगी थी और ६९ पोजीशन में एक दुसरे को लिक्क कर रही थी.

यह देख के तो मेरा खड़ा होने लगा मैंने वैसे भी सिर्फ बॉक्सर पहन रखा था तो वो पूरा टेंट बन गया था. मैं उन्हें एक दुसरे से मज़ा लेता देख रहा था. जब मेरी बर्दाश्त से बाहर हुई तो में मास्टर के से गेट खोल के अंदर चला गया वो दोनों मुझे देख कर अलग हो गयी. और खुद को बेडशीट में छिपाने लगी. पर में तो सब देख चूका था.

में- यह सब क्या हो रहा है?

तूबा- सॉरी सलार हमे माफ़ कर दो हम लोग बहुत एक्साइट हो रहे थे.

में- यह में तुम्हारे पेरेंट्स को बता दूंगा.

असीफा- प्लीज सलार किसी को मत बताना, तुम जो कहोगे हम वो करेंगे.

कुछ देर उन्हें डरता देख के मज़ा लेटा रहा फिर कहा ठीक है अब में भी तुम लोगो को ज्वाइन करूँगा.

शायद वो यही चाहती थी तो फ़ौरन हा कर दी. तूबा मुझे किस करने लगी. और असीफा मेरा बॉक्सर उतार के मेरा लंड चूसने लगी. तो क्या बतायु कि क्या मज़ा आ रहा था उस वक़्त.

५ मिनट से भी पहले दोनों ने मुझे नंगा कर दिया आब हम तीनो नंगे थे वो दोनों बरी बरी मेरा लंड चूस रही थी. और में दोनों के बूब्स मसल रहा था.

२० मिनट यही चलता रहा फिर मैंने तूबा को घोड़ी बनाया और असीफा को उसके आगे लिटा के उसकी चूत चाटने को कहा और खुद पीछे से उसे चोदने लगा.

में हैरान हो गया जब एक ही झटके में मेरा पूरा लंड तूबा कि चूत में चला गया, उसकी दबी दबी चीख निकली, अब में अपना लंड उसकी चूत में आगे पीछे कर रहा था और वो असीफा कि चूत खा रही थी. असीफा अपने बूब्स से खेल रही थी.

३० मिनट तूबा को चोदने के बाद मैंने असीफा को घोड़ी बनाया और उसी पोजीशन में तूबा कि चूत चटवाई. असीफा के साथ भी हुआ और एक झटके में पूरा अंदर. में फुल स्पीड में असीफा को चोद रहा था.

२० मिनट बाद दोनों जहर गयी. मेने लंड बाहर निकला और तूबा के मुह को चोदने लगा.

अब में बीएड पर लेट गया और तूबा मेरे ऊपर आ के मेरे लंड पर बैठ गयी और ऊपर नीचे हो कर खुद को चुदवाने लगी और असीफा अपनी चूत मेरे फेस के पास ले आई और में उसकी चूत चूसने लगा और पूरा कमरा हमारी सिस्कारियो से गूँज रहा था.

४० मिनट बाद असीफा कि बरी थी आब में उसे खड़ा कर के चोद रहा था और तूबा अपनी चूत से खेल रही थी ३५ मिनट में उसे ऐसे हे चोदता रहा फिर में झड़ने वाला था.

तो वो दोनों घुटनों के बल बैठ गई और बरी बरी मेरा लंड चुसने लगी कुछ हे देर में मेने अपनी सारा वीर्य उन् दोनों के फसे पर डाल दिया. पहले दोनों ने चाट कर मेरा लंड साफ़ किया फिर एक दुसरे का फेस चाट के साफ़ करने लगी.

फिर हम लोग वाश रूम गए और तीनो साथ में नहाये. और एक बार फिर जम कर चुदाई कि. उस रात मैंने उन् दोनों को ५ बार चोदा और दोनों बहुत खुश थी.

मेरे पूछने पे उन्होंने बताया कि वो लेस्बियन सेक्स करती है. और उन्हें ऐसा करते हुए ३ साल से जयादा हो गए है. वो दोनों मुझे से चुदवाना चाहती थी पर कभी मौका नहीं मिला.

उन्होंने बताया इसी वजह से वो शादी में नहीं गयी थी कि मेरे साथ सेक्स का मौका मिलेगा उन्हें. तीनो बचपन से साथ रह रहे थे.  इसलिए वो जानती थी उनके पेरेंट्स उन्हें मेरे पास ही छोड़ कर जायेंगे. और उनका काम बन जायेगा .

और उन्होंने बाताया के वो अपनी गली के एक लड़के से चुद्वाती थी पर उसका लंड बहुत छोटा था. उन्हें मेरा लंड इतना पसंद आया कि उन्होंने कहा अब वो उस लड़के से कभी नहीं चुदवायेंगी और हमेशा मुझ से ही चुदवाने का वादा कर लिया.

जब तक हमारे पेरेंट्स नहीं आये हम घर पर नंगे ही रहे और और जब मूड बनता जहा मूड बनता हम चुदाई का प्रोग्राम शुरू कर देते. हमने डेली चुदाई कि  कभी कित्चें में कभी दिन्निंग टेबल पर तो कभी कही कभी कही.

हम ने घर के हर कोने में चुदाई कि. हमारे पेरेंट्स आ गए तो वो चली गयी पर अब भी हम दलीय ग्रुप कॉल सेक्स करते है. बहुत जल्द हमे फिर मौका मिलने वाला है क्यूंकि एक और शादी आ रही है.

सो फ्रेंड्स ये थी मेरी स्टोरी, आशा है आप लोगो को अच्छी लगेगी.

 

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1 Response

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