वैटिकन सिटी से इंडिया तक चुदाई का सफ़र

हेलो दोस्तों, आप सभी को अपने बारे में बताने से पहले बता दूँ की आप सभी की तरह मै भी इस साईट का रेगुलर रीडर हूँ क्योकि मुझे बहुत पहले से ही मस्ताराम की किताबे पढ़ने का शौख है अब किताबे छोड़ मॉडर्न जमाना आ गया तो मै अपने लैपटॉप में मस्तराम. नेट की स्टोरी पढता हूँ कितना भी बिजी सेडुल क्यों न रहे मै इस साईट की कम से कम कहानी पढ़ने के लिए टाइम निकल ही लेता हूँ इस साईट ने मेरे लिए इतनी साडी कहानिया ले आई तो मै भी आज इस साईट को कुछ देना चाहता हूँ और वो है मेरी स्टोरी जो की इस मस्ताराम की साईट पे होनी ही चाहिए.

में हूं अनुराग उत्तर प्रदेश से और यह सच्ची में जो आंटी है उसका नाम है दिशा, वह कौन सी सिटी से हैं वह मैं आपको नहीं बता सकता और उस के बारे में क्या बताऊं? उनको आंटी नही बोल सकते भाभी बोलना बहतर रहेगा.

तो रियल स्टोरी कुछ ऐसी हे की मैं बिजनेस रन कर रहा हूं तो मुझे कभी भी काम की वजह से जाना होता है ज्यादातर इंडिया में ही, लेकिन इस बार एक एक्सपोर्ट का काम था तो इस वजह से मुझे वैटिकन सिटी जाना था. तो में टाइम पर एयरपोर्ट पहुंच गया और टाइम से फ्लाइट थी, तो कोई दिक्कत भी नहीं आई. और फ्लाइट में विंडो सीट भी मिली और मेरे साथ वाली सीट पर एक हॉट भाभी आ कर बैठी और उसके पास वाली सीट पर कोई और बंदा आ कर बैठ गया.

पहले तो मुझे लगा उसके बगल में बैठने वाला बंदा शायद उसका हस्बैंड होगा. लेकिन उनके बीच कुछ बातचीत नहीं हो रही थी और शायद वह बोर हो चुकी थी. इसलिए उसने मुझे विंडो सीट के लिए रिक्वेस्ट किया.. क्या पता था कि यह विंडो सीट की रिक्वेस्ट ही उसकी चुदाई का कारण बनेगी.. तब मेने उनको बोला यह यस शुअर यू कैन सीट हियर इफ यू वांट.. और तब मुझे पता चला कि यह अकेली हे और मैं अब इससे बात भी कर सकता हूं, कोई प्रॉब्लम नहीं होगी.. सीट चेंज कर ली हमने..

फिर मैंने उनसे पूछा आपका नाम क्या हव? उसने बोला दिशा मैंने बोला नाइस नेम.. और उसने थैंक यू बोल कर मेरा नाम भी पूछ लिया.. फिर मैंने पूछा आप कहां जाने वाले हो? उसने बोला वैटिकन सिटी. मैंने बोला ग्रेट वहां क्यों? तो बोली की एक फ्रेंड से मिलने और घूमने. मैंने बोला आप अकेली ही घूमेंगी? उसने कहा क्या करूं? मेरे हस्बैंड के पास मेरे लिए वक्त ही नहीं है.

मेने ओके कहा, फिर उसने पूछा आप कहां जा रहे हो? मैंने बोला सेम सिटी वैटिकन सिटी, मेरी एक मीटिंग है क्लाइंट के साथ. तो उसने कहा अच्छा आप भी मेरे हसबंड के जैसे हो जो अकेले घूमते हो.. मैं बोला नहीं ऐसा कुछ नहीं है में घूमने नहीं जा रहा, काम से जा रहा हूं. वो बोली ठीक है. मैं बोला पॉसिबल हो तो हम दोनों साथ में स्पेंड करे एक दिन यहां वैटिकन सिटी में घूमेंगे, और शॉपिंग के लिए. वह बोली ठीक है पॉसिबल होगा तो जाएंगे साथ.. फिर हमने नंबर एक्सचेंज किए और फिर वहां पहुंच के एयरपोर्ट से अलग हो गए.

फिर मेरा चार दीन का प्रोग्राम था जिसमें से 3 दिन काम में ही चले गए और लास्ट डे बाकी था, तो मैंने अगले दिन शाम को उसको कॉल करके पूछ लिया कि मिल सकते हैं कल? तो वह बोली हां ठीक है. फिर हमने मीटिंग पॉइंट डिसाइड करके टाइम पर वहां पहुंच गए. साथ में घूमें काफी जगह. लास्ट में गये डेजर्ट सफारी जिसमें डेजर्ट में घूमना होता है और डिनर कर के हम बल्ले डांस देखने बैठ गए. फिर में बियर पिने बैठ गया तो उसने कहा की मुझे भी पीनी हे.

मैंने उसको दे दी और मैं दूसरी लेने गया. तब तक वो बीयर पी गई थी और ठंडी हवा चल रही थी तो उसको चढ़ गई.. और जेसे ही मैं उसके पास गया वह मुझसे सचिपक कर बैठ गई और मेरे कंधे पर अपना हाथ रख दिया और बोली आई लव यू सो मच. तुम मेरी कितनी केयर करते हो, और मुझे गाल पर किस किया.. मैंने भी उसको लिप किस किया.. फिर वहां ज्यादा लोग थे तो कुछ ज्यादा नहीं हो सकता था.. मैंने पूछा कहीं और चले?

वो बोली कहां जाएंगे? मैंने बोला होटल चलते हैं वह झट से मान गई. फीर हम वहां से सीधा होटल पहुंच गए. होटल में चेक इन कर के जैसे ही रूम में गए वह मुझे चिपक गयी और एकदम टाइट हग कीया और मैं उसे किस करने लगा.. वह भी पागलों की तरह मुझे किस कर रही थी.. ऐसा लग रहा था कि शायद काफी टाइम से सेक्स और रोमांस नहीं मिला था. फिर मैंने उसको उठा कर बेड पर लेटा दिया और उसने मेरा शर्ट रिमूव कर दिया. मैंने भी उसका टॉप निकाल दिया.. उसने लाइट पिंक ब्रा पहनी थी, उसका फिगर था ३४-३२-३४ क्या सेक्सी पटाखा लग रही थी वह.

फिर मैंने उसके सब कपड़े निकाल दिए उसको पूरा नंगा कर दिया, और फिर उसने मेरा पेंट भी रिमूव कर दिया और मेरा पेनिस देखकर चौंक गई.. बोली इतना बड़ा?? तुरंत हाथ से हिलाने लगी और मुंह में ले कर चूसने लगी और आह्ह औऊ अम्म्म औउ उऔउ औम्म्म आवाज निकालने लगी. और मैं उसकी निप्पल के साथ खेलने लगा. अब मेरा स्पर्म निकलने वाला था और वह सारा पि गई है. फिर मैं बेड पर सो गया और वह मेरे ऊपर आ गई, और पेनिस हाथ में लेकर हिलाने लगी.. थोड़ी देर में फिर टाइट हो गया तो उसने लंड को अपनी पूसी पर सेट करके धीरे से डाल दिया और ऊपर निचे कूदने लगी. वो साथ में बहुत हॉट मोन कर रही थी.

फिर करीब १०-१२ मिनट में वह जड गई और मेरे साथ लेट गई.. फिर गर्मी की वजह से मैं नहाने चला गया और वह ऐसे ही नंगी सो रही थी. मेरे आने का इंतजार कर रही थी. मैं नहाते वक्त उसके बारे में ही सोच रहा था. मेरा फिर से खड़ा हो गया और मैं बाहर जाकर उसको सीधा लेटा दिया और उसने तुरंत ही अपने पैर हवा में फैला दिए. और मैंने एक झटके में अपना पूरा पेनिस अंदर डाल दिया.

उसकी चीख निकल गई आई अह्ह्ह औऊउ ईई माआआ. मैं धक्के मारने लगा जोर से वो हाह अय्य्य औऊ सिस ये ई ओऊ अह्ह्ह ओऊ इई कर रही थी और मेरी धक्के मारने की स्पीड और बढ़ रही थी. ऐसे ही १५ मिनट के बाद मेरा निकलने वाला था तो उसने बोला अंदर मत छोड़ना, मैं बोला कहां निकालूं? वह बोली मेरे मुंह में.. मैं तुरंत पेनीस निकाला और उसके मुंह में रख दिया, वह चूसने लगी. जैसे ही स्पर्म निकला वो सारा पि गई और फिर साथ में सो गए.

फिर साथ में नहाया और हमने बहुत मस्ती और रोमांस कीया.. फिर हम अपनी अपनी जगह चले गए.. और अगले दिन इंडिया आ गए. और यहां पहुंच कर मैं बात होती रहती है और उसके बाद वो मुझसे दो बार और मिलने आई है हमने खूब एन्जॉय किया. तो दोस्तों आप लोगों को मेरी ये सेक्स स्टोरी कैसी लगी? रोजाना मैं भी इस साईट पर आप की तरह ही सेक्स की कहानियाँ पढता हूँ!

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