चाचाजी के खेलौना
कैसे हैं आप सब। आप सबका मैं बेहद शुक्रगुजार हूँ कि आपने मेरी कहानियों को सराह कर मेरा हौंसला और मान दोनों बढ़ाया। आज मैं फिर से एक रोमांचक किस्सा आप सब को बताने जा रहा हूँ। यह कहानी तब शुरू हुई थी जब मुझे लण्ड और नुन्नी का मतलब सही से मालूम भी नहीं था। मेरे चाचा सुशील मुझे बेहद प्यार करते थे।