गाँव की गोरी की गोरी-गोरी गाण्ड (Ganv Ki Gori Ki Gori-Gori Gaand)
मेरा नाम सुशिल है और मैं राजस्थान का रहने वाला हूँ। यह उस समय की बात है, जब मैं कोलेज में था और सर्दी की छुट्टियों में ननिहाल गया हुआ था… मेरे नाना जी के काफी खेत हैं और उनके खेत में एक मजदुर काम करता था। वो और उसकी पत्नी हमारे खेत में ही रहते थे। उसकी पत्नी बहुत सुंदर थी। वो ऐसी दिखती थी कि किसी का भी मन डोल जाये, उसे देख कर। एकदम लाल होंठ… रस भरे मोटे मोटे बूब्स… पतली कमर… मोटी गाण्ड… गोरा रंग...