दीदी की सील मेरे सामने टूटी
हैल्लो फ्रेंड्स.. मेरा नाम विक्की है और मेरे घर में 4 लोग रहते है.. में मेरे पापा मेरी मम्मी और मेरी दीदी। मेरी दीदी का नाम प्रिया है और वो दिखने में बहुत सुंदर है। मेरी दीदी का फिगर बहुत अच्छा है में और मेरी दीदी हमेशा से ही साथ रहे है। मेरे स्कूल के सारे लड़के मेरी दीदी को गंदी नज़र से देखते थे। हमारे स्कूल में लड़कियों के लिए जो ड्रेस थी वो स्कर्ट और टॉप थी। फिर मेरी दीदी जब सीड़ियों से ऊपर जाती थी तो उनके क्लास के लड़के नीचे से उनकी स्कर्ट में झांकते थे। तभी एक बार मैंने उन्हें बात करते सुना कि आज प्रिया ने काले कलर की पेंटी पहन रखी है काश उसने पेंटी नहीं पहनी होती तो उसकी चूत दिख जाती और सब हसंने लगे और जैसे जैसे मेरी दीदी बड़ी होती गयी.. मेरी दीदी उतनी ही सुंदर और हॉट लगने लगी।
फिर जब हम स्कूल खत्म करके कॉलेज में आए तो मेरी दीदी दूसरे कॉलेज में चली गयी। में जिस कॉलेज में था वो दीदी के कॉलेज से 3 किमी. की दूरी पर ही था। इसलिए में दीदी को उनके कॉलेज छोड़कर अपने कॉलेज जाता था। फिर एक दिन शाम को में अकेला ही बाईक से अपने एक फ्रेंड के यहाँ पर जा रहा था तो मेरा एक्सीडेंट हो गया और मेरे सीधे पैर में फ्रेक्चर हो गया और डॉक्टर ने मुझे 2 महीने के लिए बेड रेस्ट के लिए बोला और इसकी वजह से दीदी को कॉलेज जाने में प्राब्लम होने लगी। फिर मेरी ही कॉलोनी में एक लड़का था जिसका नाम रोहन था। वो मेरा बहुत अच्छा दोस्त और मेरी दीदी का क्लासमेट भी था और मेरी दोस्ती उससे क्रिकेट खेलते समय हुई थी। रोहन दिखने में बहुत स्मार्ट था और उसका शरीर भी बहुत अच्छा था। तभी एक दिन मैंने रोहन से कहा कि में जब तक ठीक नहीं हो जाता वो दीदी को अपने साथ कॉलेज ले जाए और उसने कहा कि ठीक है और अगले दिन से दीदी उसके साथ कॉलेज जाने लगी। फिर धीरे धीरे रोहन और दीदी में एक बहुत अच्छी दोस्ती हो गयी और वो दोनों ज्यादातर टाईम साथ ही रहते थे।
एक दिन दीदी मुझसे बातें कर रही थी और में बेड पर लेटा हुआ था। मेरे पैर में फ्रॅक्चर था.. दीदी बार बार किसी से मैसेज में बातें कर रही थी। फिर दीदी रूम से बाहर गयी और दीदी का मोबाईल वहीं पर छूटट गया और मैंने फोन उठाकर दीदी के मैसेज पढ़े वो सारे मैसेज रोहन के थे.. मुझे उन मैसेज से कुछ गड़बड़ लगी। तभी कुछ दिनों तक ऐसा ही चलता रहा.. फिर मेरा प्लास्टर खुल गया और में घूमने फिरने लगा.. लेकिन में अभी भी बाईक नहीं चला सकता था और रोज़ की तरह दीदी रोहन के साथ कॉलेज चली गयी और में घर में ही था और डॉक्टर ने मुझे कुछ दिन और आराम करने को कहा था। वो दिन के 2 बजे का टाईम था.. में कुछ समान लाने के लिए घर से बाहर निकला आते वक़्त में रोहन के घर की तरफ से आ रहा था तो मुझे रोहन की बाईक दिखी और मुझे बड़ा अजीब लगा क्योंकि सुबह रोहन और मेरी दीदी कॉलेज गये थे तो अभी रोहन यहाँ पर क्या कर रहा है? और मुझे यह भी पता था कि रोहन के पापा और मम्मी दोनों ही जॉब करते है। तभी मैंने सोचा कि जो भी है.. चलते है.. रोहन से बातें करेंगे और मैंने बाहर का गेट खोलकर अंदर आकर घर की डोर बेल बजाई.. लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला। में कुछ देर तक वहीं पर खड़ा था.. लेकिन कोई नहीं आया। फिर में वापस अपने घर की तरफ जाने लगा.. लेकिन में जैसे ही गेट के पास पहुंचा तो मुझे घर के अंदर से किसी की बातें करने की आवाज़ आई और में जाकर सुनने लगा.. लेकिन मुझे जो आवाज़ आ रही थी वो किसी लड़की की आवाज़ थी और वो कह रही थी कि प्लीज़ रोहन दर्द होगा.. प्लीज़ मुझे जाने दो इस पर रोहन कहता है कि कुछ नहीं होगा पहली बार दर्द होगा फिर तुम्हे मज़ा आएगा और आह्ह्ह उफ्फ्फ… की आवाज़ आ रही थी। तभी मुझे समझ में आ गया कि रोहन किसी लड़की को चोदने के लिए अपने घर लेकर आया है।
फिर में चुपके से दूसरी साईड चला गया क्योंकि उसके घर में सिर्फ एक खिड़की थी जो कि पीछे की साईड बनी हुई थी.. में वहाँ पर चला गया और मैंने देखा कि रोहन और एक लड़की थी और दोनों किस कर रहे थे और मुझे देखकर बहुत मज़ा आ रहा था.. लेकिन उसके एक मिनट के बाद मुझे बहुत बड़ा शॉट लगा क्योंकि जब मैंने उस लड़की का चेहरा देखा तो वो कोई और नहीं मेरी दीदी प्रिया थी और मुझे यह सब देखकर बहुत अजीब सा लग रहा था कि मेरी दीदी मेरे दोस्त के साथ.. यह कैसे हो सकता है? फिर में वापस देखने लगा दीदी बार बार उससे दूर हटने की कोशिश कर रही थी और कह रही थी कि प्लीज रोहन मैंने कभी नहीं किया है.. मुझे बहुत डर लग रहा है। तभी रोहन दीदी से कहने लगा कि डरो मत प्रिया.. में बहुत धीरे धीरे से करूँगा और तुम्हे जरा भी दर्द नहीं होगा और यह कहकर उसने वापस मेरी दीदी को अपनी तरफ खींच लिया और दीदी को लिप किस करने लगा। वो दीदी को किस करने के साथ साथ मेरी दीदी के बूब्स को टॉप के ऊपर से दबा रहा था और चूस रहा था और दीदी एह्ह्ह उफफ अह्ह्ह कर रही थी।
फिर वो बार बार अपना हाथ मेरी दीदी के टॉप के अंदर डाल देता और ब्रा के ऊपर से दीदी के बूब्स को दबाता। अब उसने मेरी दीदी के टॉप को निकाल दिया और वहीं ज़मीन पर गिरा दिया। मैंने पहली बार दीदी को ब्रा में देखा था। दीदी ने गुलाबी कलर की ब्रा पहन रखी थी.. रोहन मेरी दीदी के बूब्स देखने लगा और दीदी अपने हाथ से छिपाने की कोशिश कर रही थी। तभी रोहन आया और उसने दीदी का हाथ हटा दिया। उसने दीदी से कहा कि प्लीज़ प्रिया शरमाओ मत अभी बहुत मज़ा आएगा और दीदी की ब्रा ऊपर से थोड़ा सा हटाकर उनके बूब्स को चूमने लगा। दीदी बार बार पीछे हटने की कोशिश कर रही थी.. लेकिन उसने दीदी को अपनी बाहों में जोर से जकड़ लिया और चूमने लगा अब उसने दीदी की ब्रा के हुक को खोल दिया और ब्रा को खींचकर निकाल दिया। मेरी दीदी के बूब्स हिलने लगे वो मेरी दीदी के बूब्स को देखकर पागल हो गया और उसने धीरे से दीदी के बूब्स पकड़े और दीदी की निप्पल को चूसने लगा। दीदी अह्ह्ह ऊउह्ह करने लगी और वो गले से लेकर दीदी की नाभि तक दीदी को किस कर रहा था। फिर उसने दीदी की जीन्स का बटन खोलकर चैन ढीली कर दी और अपना एक हाथ दीदी की पेंटी में डालकर रगड़ने लगा। दीदी उसका हाथ हटाने की कोशिश कर रही थी.. लेकिन उसने दीदी को पूरा जकड़ रखा था और दीदी की चूत में हाथ डाल कर रगड़ रहा था.. दीदी आह्ह्ह ओह्ह्ह माँआआअह्ह मरी में कर रही थी.. प्लीज़ रोहन आह्ह्ह बस करो.. लेकिन रोहन मानने वाला कहाँ था। उसने दीदी की जीन्स खोल दी और अब दीदी सिर्फ़ गुलाबी कलर की पेंटी में थी और वो नीचे अपने घुटनो के बल बैठ गया और दीदी की चूत के पास सूंघने चाटने लगा और किस करने लगा और दीदी उसके सर को पकड़े हुई थी।
फिर उसने दीदी की पेंटी निकाल ली और उसे सूंघने लगा और चाटने लगा। अब उसने अपनी पेंट भी उतार ली और वो भी पूरा नंगा हो गया और उसने दीदी से लंड चूसने के लिए कहा.. लेकिन दीदी ने मना कर दिया। फिर उसने कहा कि कोई बात नहीं.. अगली बार फिर उसने दीदी को लेटा दिया और उसने मेरी दीदी के पैरों को फैला दिया जिससे दीदी की चूत साफ साफ दिखने लगी.. दीदी ने तुरंत अपना एक हाथ अपनी चूत पर रख दिया। तभी उसने कहा कि प्लीज़ प्रिया तुम शरमाओ मत और यह कहकर उसने दीदी का हाथ हटा दिया। दीदी की चूत पर एक भी बाल नहीं था.. वो अह्ह्ह उफ्फ्फ करने लगा और वो अपना लंड सहलाते हुए कहने लगा कि आहह प्रिया क्या चूत है तेरी.. आज मज़ा आ जाएगा और मेरी दीदी की चूत पर अपना लंड लगा कर चाटने लगा और दीदी उसके बाल पकड़कर बार बार पीछे हो रही थी और वो दीदी की जांघो को पकड़ कर उन्हें आगे की तरफ खींच रहा था और दीदी की चूत चाट रहा था।
तभी दीदी की सिसकियों की आवाज़ मेरे कानो में आ रही थी। दीदी अब अपने हाथों से अपने बूब्स को पकड़कर अपने निप्पल को मसल रही थी और अपने दांतों से होंठो को दबा रही थी। मेरा दोस्त अपने घुटनो के बल बैठ गया और एक हाथ से अपना लंड पकड़कर दीदी की चूत पर रगड़ने लगा। दीदी बहुत डर रही थी। वो बार बार रोहन से कह रही थी कि प्लीज़ रोहन दर्द होगा धीरे धीरे करना और उसके लंड के रगड़ने से सिसकियां ले रही थी। तभी उसने एक धीरे से धक्का दिया और दीदी पीछे की तरफ हो गयी। उसका लंड अभी घुसा नहीं था। वो दीदी से कहने लगा कि डरो मत प्रिया कुछ नहीं होगा और उसने फिर दीदी के जांघो को कसकर पकड़ लिया और एक जोर का धक्का दिया। तभी दीदी बहुत जोर से चीख पड़ी.. माँआआ मरी में बचाओ मुझे। तभी मैंने देखा कि रोहन के लंड का टोपा दीदी की चूत में चला गया था और वो रुक गया और दीदी अपनी उंगली को दातों से दबाए हुए थी और उनकी आँखों से आँसू निकल रहे थे।
तभी रोहन ने अपना लंड बाहर निकाला तो उसके लंड पर दीदी की चूत का खून लगा हुआ था और वो मेरी दीदी की तरफ देख रहा था। फिर उसने कहा कि देख प्रिया तेरी सील टूट गई.. तेरा खून लगा हुआ है और फिर उसने दीदी के पैरो को फैला दिया। तभी मैंने देखा कि मेरी दीदी की चूत से खून निकल रहा था और दीदी उठकर बैठ गयी और वो खून देखकर थोड़ा सा डर गयी थी। फिर रोहन ने कहा कि डरो मत पहली बार खून निकलता है और दीदी की चूत को जीभ से चाटने लगा और उसने अपनी जीभ से चाटकर दीदी का पूरा खून साफ किया। तभी दीदी ने उसे कहा कि रोहन मुझे बहुत दर्द हो रहा है वो दीदी के पास लेट गया और दीदी को किस करने लगा। उसने कहा कि प्रिया बस हो गया अब दर्द नहीं करेगा.. बस पहली बार दर्द होता है और वो दीदी को किस करते करते दीदी के बूब्स को मसलने लगा। तभी कुछ देर में दीदी फिर से गरम हो गयी। अब वो मेरी दीदी के ऊपर लेट गया और दीदी से अपने पैर फैलाने को कहा.. दीदी ने भी अपने पैर फैला दिए और उसने धीरे से अपना लंड मेरी दीदी की चूत में घुसा दिया और फिर धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा।
फिर दीदी अह्ह्ह ससस्स करने लगी और रोहन का आधा लंड मेरी दीदी की चूत के अंदर बाहर हो रहा था। उसने चोदते चोदते दीदी से कहा कि प्रिया जब से मैंने तुझे देखा है.. में तुझे चोदना चाहता था और आज में जी भरके तुझे चोदूंगा और वो धीरे धीरे मेरी दीदी को चोदने लगा। अब उसने मेरी दीदी के निप्पल को अपने मुहं में ले लिया और ज़ोर से धक्का दिया दीदी पूरा पीछे की तरफ हो गयी और उसका पूरा लंड एक ही बार में मेरी दीदी की चूत में चला गया और वो पूरी ताक़त से मेरी दीदी को चोदने लगा दीदी चीख रही थी और वो अपने सर को इधर उधर कर रही थी। तभी थोड़ी देर चोदने के बाद रोहन झड़ गया। उसने अपना वीर्य मेरी दीदी की चूत में गिरा दिया और थोड़ी देर तक रोहन मेरी दीदी के ऊपर लेटा रहा और धीरे धीरे मेरी दीदी को चोदता रहा। कुछ देर बाद वो दीदी के ऊपर से हट गया और उसने मेरी दीदी की पेंटी उठाई और दीदी की चूत को साफ किया और फिर दोनों ने अपने कपड़े पहने और कुछ देर रोहन दीदी को किस करता रहा और उस दिन के बाद रोहन ने कई बार मेरी दीदी को चोदा है ।।
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