बरसात मे मम्मी की चुदाई

दोस्तो मेरा नाम वरुण है। में पुणे मुंबई का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 19 साल है। में बी.कॉम. प्रथम वर्ष का स्टूडेंट हूँ। मेरी लम्बाई 5.8 इंच है। रंग गोरा लंड का साइज़ 8 इंच है। मेरी फेमिली मे 4 मेंबर है। मेरे पापा श्याम तलपडे जिनकी उम्र 40 साल है। मेरी माँ प्रिया उम्र 38 साल है। रंग गोरा फिगर 38-36-38 है। पेशे से स्कूल टीचर है दिखने मे काफ़ी हॉट हैं। मेरी छोटी बहन नेहा जिसकी उम्र 18 साल है। रंग गोरा और फिगर 36-34-36 है। वक़्त से पहले जवान हो गई है। दोस्तो ये घटना अभी कुछ दिन पहले की है। सुबह से ही बरसात हो रही थी और उस दिन बहुत ज्यादा बरसात हो रही थी। माँ स्कूल गई थी और पापा ऑफीस गये थे। पापा का ऑफीस तो पास मे ही है पर माँ को काफ़ी दूर जाना पड़ता था। काफ़ी बारिश होने के कारण सब कुछ ठप हो गया था तो शाम को पापा का फोन आया की वरुण तुम जा कर अपनी माँ को रिसीव कर लेना।

मैं एक ऑटो पकड़ कर माँ के स्कूल 7:30 बजे पहुँचा और उन्हे लेकर बाहर आ गया पर बाहर काफ़ी तेज़ बारिश हो रही थी। जिसके कारण कोई भी गाड़ी नही मिल रही थी। हम वही एक जगह खड़े हो कर इंतज़ार करने लगे धीरे धीरे अंधेरा हो रहा था और सड़क पर कोई भी गाड़ी नज़र नहीं आ रही थी। काफ़ी देर इंतज़ार करने के बाद हम कुछ दूर पैदल ही चल पड़े बारिश मे माँ की साड़ी भीग जाने के कारण उनका फिगर काफ़ी अच्छा लग रहा था। पूरी सड़क सुनसान पड़ी थी हम काफ़ी भीग चुके थे और अब हमे उम्मीद नही थी कि कोई गाड़ी हमेमिलेगी तो मैने माँ से कहा की माँ अब लगता है कि कोई गाड़ी नही मिलेगी यहीं पास के मोहल्ले मे ही मेरे दोस्त का घर है जो उसने मुझे किराये के लिए दिया था और में उसकी चाबी भी ले आया हूँ अगर आप कहे तो आज की रात हम वही गुजार ले तो माँ ने कहा ठीक है।

अब इसके अलावा कोई चारा भी नही है तो फिर हमने घर पर पापा को फोन पर बताया की आज हमे कोई गाड़ी नही मिल रही है और हम यही पास के एक मकान मे रुक रहे हैं। तो पापा ने कहाकी कोई बात नही बस तुम लोग आराम से तो हो ना कल सुबह जब बारिश कम होगी तो आ जाना। फिर हम आगे बड़े तो माँ ने कहा की मुझे तो भूख भी लगी है। तो मैने कहा की पास ही एक ढाबा है। जहाँ अच्छा खाना मिलता है और हमने वहा से खाना पैक कराया।

ढाबे के सामने एक बीयर और वाइन शॉप थी तो मैने माँ से कहा की माँ मुझे काफ़ी ठंड लग रही क्या में एक बीयर ले लूँ। तो माँ ने मौके की नज़ाकत को देखते हुये हाँ कर दी तो मैने वहां से दो बीयर ली और चल पड़े दोस्तके घर पहुंचे और ताला खोला और वहां कोई हमारे पास कोई कपड़ा नहीं था और हमारे सारे कपड़े भीग गये थे। तो माँ ने कहा कि अब क्या करे तो मैने कहा की माँ यहाँ पर कोई नही है और आप चाहे तो अपने कपड़े निकाल कर रह सकती है। क्या करे? हमारी मज़बूरी है अगर नही निकाले तो ठंड लग जायेगी तो मैने और माँ ने अपने आधे कपड़े निकाल दिए और फिर हमने खाना खाया और फिर मैने एक बीयर पी मैने माँ से कहा कि माँ आप भी एक दो घूंट ले लो इससे आराममिलेगा पहले तो माँ ने मना कर दी पर बाद मे ले ली।

पहले तो माँ को थोडी कड़वी लगी पर बाद मे माँ ने आधी से ज्यादा बोतल ख़त्म कर दी माँ को धीरे धीरे नशा चड़ने लगा साड़ी और ब्लाउज मे माँ भीगी हुई काफ़ी सेक्सी लग रही थी। तो मैने माँ से कहा की माँ अगर आप ये भी कपड़े उतार दे तो आपको ठंड नही लगेगी और आपको यहाँ कोई देख भी नहीं रहा। तो माँ ने अपने साड़ी ब्लाउज भी निकाल दिया माँ पिंक कलर की ब्रा और पेंटी मे थी। उनके गोरे और मोटेबूब्स ब्रा से बाहर आ रहे थे। उन्हे देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया था और मेरे मन मे अजीब सी अकुलाहट हो रही थी। मन कर रहा था की माँ को चोद दूँ। फिर माँ ने मुझसे भी अपनी टी शर्ट और पेंट निकालने को कहा और मैने उसे निकाल दिया। फिर मैने माँ से कहा की माँ आपकी तो ब्रा पेंटी भी भीग गई है। आप इसे भी उतार दो वरना आपके शरीर पर धब्बे पड जायेंगे। तो माँ ने कहा की हाँ वरुण तू सही कह रहा है और तुझसे क्या शर्माना और माँ ने अपनी ब्रा और पेंटीभी उतार दी।

अब उनके मोटे मोटे बूब्स मेरी आँखो के सामने झूल रहे थे। जिसे देख कर मेरा लंड एकदम तन के लोहा हो गया था जो मेरी अंडरवियर के उपर से साफ दिखाई दे रहा था। तो माँ ने कहा कि बेटा तेरा भी अंडरवियर भीग गया है तो तू भी इसे उतार दे तो मैने भी अपना अंडरवियर उतार दिया। फिर क्या था मेरा 8 इंच लंड एकदम माँ के सामने था और माँ की नज़र मेरे लंड पर थी उसे देख कर माँ ने कहा की बेटा तू तो अब काफ़ी जवान हो गया है तेरी तो अबशादी करनी पड़ेगी। तो मैने माँ से कहा की माँ अगर आपको बुरा ना लगे तो एक बात कहूँ तो माँ ने कहा कि क्या तो मैने कहा की माँ आप भी बहुत सेक्सी है तो माँ ने कहा कि क्या तेरा ये हाल मेरे ही कारण है।

फिर मैने कहा की माँ आप इतनी सेक्सी है कि आपको देख कर तो भूतो का भी लंड खड़ा हो जाए तो माँ ने कहा की बेटा तेरा भी लंड इतना बड़ा है कि किसी भी औरत का मन तुझसे चुदाने को करेगा। तो मैने कहा की माँ क्या आपको भी मन कर रहा है। तो माँ नेकुछ नही कहा और एक हल्की सी स्माइल दे दी। मैं समझ गया की माँ की हाँ है और झट से मैने माँ के बूब्स पकड लिए और उन्हे दबाने लगा तो माँ ने भी हाथ आगे करके मेरे लंड को अपने हाथ मे थाम लिया और रब करने लगी। फिर क्या था मैने माँ के बूब्स को बारी बारी से दबाना चालू कर दिया और उसे मुँह मे लेकर चूसने लगा। माँ के मुँह से आवाज़ निकल रही थी आआहाआ फिर काफ़ी देर के बाद माँ नीचे झुकी और मेरा लंड अपने मुँह मे ले लिया औरचूसने लगी।

मुझे तो जैसे स्वर्ग के दर्शन हो रहे थे कि एक तो बारिश का सुहाना मौसम और ऊपर से माँ जैसी सेक्सी औरत मेरा लंड चूस रही हो काफ़ी देर बाद मैने माँ को खड़ा किया और उनकी चूत पर हाथ फेरा और अपनी एक उंगली उनकी चूत मे डाली और कहा माँ आपकी चूत तो अभी भी बहुत टाइट है क्या पापा आपको चोदते नही है। तो माँ ने कहा की नही बेटा वो तो महीने दो महीने मे एक बार चोदते है और वो भी कुछ देर के लिए। तो मैने कहा की माँ आपचिंता मत करो अब मैं हूँ ना मुझे आप अपना दूसरा पति समझो और जब भी मन करे आ जाना मेरा लंड तुम्हारे लिए खड़ा है। तो माँ ने कहा की सच बेटा अब देर मत कर और जल्दी से अपनी माँ को अपना बना ले।

फिर मैने माँ को घोड़ी बनाया और अपने लंड पर थोड़ा सा थूक लगाकर माँ की चूत पर लगाया और एकदम जोरदार धक्का मारा और आधा लंड माँ की चूत मे उतार दिया माँ जोर से चिल्लाई और उनकी आँखो मे आँसू आ गये तो मैने कहा कि माँ ज्यादा दर्द हो रहा होतो बाहर निकाल लूँ। तो माँ ने कहा की नही बेटा ये तो ख़ुशी के आंसू है और इस दर्द के लिए तो ना जाने मैं कब से तरस रही हूँ। बस तू मुझे चोद और ज़ोर से चोद फाड़ दे अपनी माँ की चूत को। फिर क्या था मैने धक्के लगाने चालू किए तो पहले तो माँ को काफ़ी दर्द हो रहा था पर बाद मे उनका दर्द कम होता रहा और वो भी गांड उठा उठा कर मेरा साथ देने लगी पूरे कमरे मे हमारी चुदाई की आवाज़ गूँज रही थी और करीब 35 मिनिट के बाद मुझे लगा कि में अब झड़ने वालाहूँ। इस बीच माँ दो बार झड़ चुकी थी और फिर मैने अपनी स्पीड और तेज़ कर दी और अपना माल माँ की चूत मे ही छोड़ दिया और फिर माँ ने मेरा लंड अपनी चूत से बाहर निकाल कर उसे चूसा और कहा बेटा मज़ा आ गया।

फिर मैने कहा की माँ असली मज़ा तो अब आयेगा जब मैं आपकी गांड मारूँगा तो माँ ने कहा की बेटा मेरी गांड तो कब से प्यासी है। लास्ट बार तेरे मामा ने ही मारी थी। पिछले साल जब वो आर्मी से वापस आये थे। तो मैं ये सुनकर चोक गया कि माँ अपने सगे भाई से भीचुदवाती हैं और फिर मैने माँ की गांड भी मारी और उस रात मैने माँ को 5 बार चोदा 3 बार उनकी चूत मारी और दो बार उनकी गांड मारी फिर सुबह बारिश रुकने के बाद हम घर पहुंचे और उस दिन के बाद मैं लगभग रोज़ माँ को चोदता हूँ। दोस्तो मुझे आशा है की आपको मेरी यह स्टोरी जरुर पसंद आयेगी ।।

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1 Response

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